बुलंदशहर: भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत रविवार को जनपद के खुर्जा क्षेत्र में आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम भीमराव अंबेडकर एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में राकेश टिकैत ने किसानों की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज किसान अपनी ज़मीन से दूर होता जा रहा है, जबकि ज़मीन कभी घाटे का सौदा नहीं रही। असली समस्या यह है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिचौलिये किसानों से सस्ते दामों पर फसल खरीदकर बाजार में महंगे दामों पर बेच रहे हैं।
राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए टिकैत ने कहा कि देश में जाति, धर्म और भाषा के नाम पर राजनीति तेज़ हो रही है। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने के बजाय जोड़ने की ज़रूरत है। “हम जोड़ने की राजनीति में विश्वास रखते हैं, तोड़ने में नहीं”
शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाज में प्रतिस्पर्धा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में होनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी मजबूत बन सके। जम्मू-कश्मीर स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की मान्यता रद्द होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार का शिक्षा के प्रति रवैया चिंताजनक है।
इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष अरब सिंह सहित कई किसान नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


