कुशीनगर: रमजान के पवित्र महीने में आस्था और इंसानियत की एक भावुक मिसाल सामने आई है। जनपद के सेवरही विकासखंड अंतर्गत सलेमगढ़ ग्राम सभा के जमुनिया टोला निवासी कक्षा दो के छात्र समद खान ने अपने परिजनों और मित्रों की सलामती की दुआ के साथ पहला रोजा रखकर सभी का दिल जीत लिया।
समद खान, पिता कयामुद्दीन खान, बीआरएम स्कूल में अध्ययनरत हैं। परिवारजनों के अनुसार रमजान की शुरुआत होते ही समद ने पूरे उत्साह के साथ रोजा रखने की इच्छा जताई। परिजनों ने उसकी कम उम्र और पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए समझाने का प्रयास किया, लेकिन समद अपने फैसले पर अडिग रहा। उसका कहना था कि वह भी बड़ों की तरह रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करना चाहता है और अपने परिवार व दोस्तों की हिफाजत के लिए दुआ मांगना चाहता है।
सुबह सहरी करने के बाद समद ने पूरे दिन संयम और धैर्य के साथ रोजा रखा। स्कूल पहुंचने पर जब इसकी जानकारी प्रबंधन को हुई तो बच्चे की भावनाओं का सम्मान करते हुए विशेष व्यवस्था की गई। स्कूल प्रबंधक राजन कुमार मिश्रा ने कक्षा में बैठने की ऐसी व्यवस्था करवाई जिससे समद को रोजे के दौरान पढ़ाई में कोई कठिनाई न हो।
समद की लगन और आस्था से प्रभावित होकर विद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों ने उसकी सराहना की और उसका हौसला बढ़ाया। समद की मां ने बताया कि बेटे का यह पहला रोजा पूरे परिवार के लिए गर्व और खुशी का क्षण है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में बच्चों में धार्मिक भावना और संवेदनशीलता का होना समाज के लिए सकारात्मक संकेत है।


