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  • 02/03/2026
  • Last Update 01/03/2026 8:01 pm
  • Lucknow

लोक निर्माण विभाग पर गंभीर आरोप, किसान की पैतृक भूमि पर सड़क का नाप-जोख शुरू, प्रशासन से न्याय की मांग

लोक निर्माण विभाग पर गंभीर आरोप, किसान की पैतृक भूमि पर सड़क का नाप-जोख शुरू, प्रशासन से न्याय की मांग

महराजगंज: नौतनवा तहसील क्षेत्र के ग्राम बड़हरा में सड़क निर्माण को लेकर नया विवाद सामने आया है। यहां एक किसान ने लोक निर्माण विभाग पर बिना भूमि अधिग्रहण और मुआवजा दिए सड़क निर्माण कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित किसान ने इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

शिकायतकर्ता ग्राम पंचायत निपनिया निवासी कृष्णकुमार पाण्डेय उर्फ किशुन कुमार, पुत्र बहादुर, का कहना है कि उनकी पैतृक संक्रमणीय भूमिधरी भूमि आराजी संख्या 358, रकबा 0.138 हेक्टेयर जो ग्राम बड़हरा, तहसील नौतनवा में स्थित है, उस पर कजरी वाया मदरी मार्ग के अंतर्गत सड़क का निर्माण और नाप-जोख कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि इस भूमि का न तो विधिवत अधिग्रहण किया गया और न ही किसी प्रकार का मुआवजा या प्रतिकर उन्हें अथवा उनके पूर्वजों को दिया गया।

पीड़ित के मुताबिक, राजस्व अभिलेखों में आज भी उक्त भूमि पर उनका एवं अन्य सहखातेदारों का नाम दर्ज है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए सड़क निर्माण और अब चौड़ीकरण की तैयारी की जा रही है। किसान का कहना है कि हाल ही में विभागीय कर्मचारियों ने सड़क चौड़ीकरण के लिए माप-जोख की। जब उन्होंने मुआवजे के संबंध में जानकारी मांगी, तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिला और यह कहकर टाल दिया गया कि सड़क पहले से बनी है, इसलिए उसका विस्तार किया जाएगा।

कृष्णकुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया कि बिना प्रतिकर भुगतान किसी भी काश्तकार की भूमि पर सड़क निर्माण कराना और उसका विस्तार करना नियमों के विपरीत और मनमाना है। उन्होंने इसे भूमि अधिग्रहण से जुड़े कानूनों का उल्लंघन बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

पीड़ित ने अपनी मांगों में स्पष्ट किया है कि उनकी भूमि पर निर्मित सड़क के बदले वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, जब तक अधिग्रहण की पूरी वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण न हो और प्रतिकर का भुगतान न कर दिया जाए, तब तक सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भी चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि यदि बिना अधिग्रहण और मुआवजा के सड़क निर्माण कराया गया है, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि पीड़ित किसान को न्याय मिलता है या नहीं।

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