बुलंदशहर: जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्याना में गुरुवार को एक अत्यंत जटिल प्रसव को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। बढ़डा वाजिदपुर निवासी सोनिया को दोपहर करीब 1:30 बजे गंभीर प्रसव पीड़ा के साथ सीएचसी लाया गया। प्राथमिक परीक्षण में पता चला कि गर्भ में मौजूद दोनों जुड़वां शिशु ब्रीच प्रेजेंटेशन (उल्टे) स्थिति में थे, जो प्रसव को बेहद जोखिम भरा बना रहा था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मरीज को बड़े अस्पताल रेफर करना सुरक्षित नहीं था। ऐसे में डॉ. रजनी एवं डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने तत्काल निर्णय लेते हुए अस्पताल में ही प्रसव कराने का फैसला लिया। उनके निर्देशन में वरिष्ठ स्टाफ नर्स मालती शर्मा एवं नर्सिंग ऑफिसर अंजली ने अत्यंत कुशलता के साथ जुड़वां शिशुओं का सुरक्षित प्रसव कराया।
प्रसव के बाद दोनों शिशुओं को नवजात शिशु देखभाल इकाई (NBSU) में भर्ती किया गया, जहां बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार वर्मा एवं नर्सिंग ऑफिसर प्रेमलता ने उनकी जांच की। शिशुओं का वजन क्रमशः 1960 ग्राम व 2200 ग्राम पाया गया। आवश्यक देखभाल के बाद दोनों की स्थिति संतोषजनक रही और मां ने सफलतापूर्वक स्तनपान भी कराया।
इसी क्रम में शुक्रवार को सीएचसी स्याना में वैरा फिरोजपुर निवासी गर्भवती फरजाना का भी सफलतापूर्वक जुड़वां प्रसव कराया गया। चिकित्सा टीम ने सुरक्षित प्रसव कराते हुए 2460 ग्राम के पुत्र और पाँच मिनट बाद 1510 ग्राम की पुत्री को जन्म दिलाया।
सीएचसी की टीम ने लगातार दो दिनों में दो जटिल जुड़वां प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न कर उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा का परिचय दिया।


