महराजगंज: चौक थाना क्षेत्र के गौनरिया राजा गांव का वातावरण गुरुवार को गमगीन हो गया। कुवैत में काम कर रहे प्रवासी मजदूर रामबचन यादव का शव 18 दिन बाद गांव पहुंचा। शव देखते ही पत्नी शकुंतला देवी और तीनों बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों की करुण पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं और गांव में मातम छा गया।
जानकारी के मुताबिक, रामबचन यादव कुवैत में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। कुछ दिन पूर्व अचानक तबीयत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई थी। कानूनी और कागजी प्रक्रियाओं की वजह से शव गांव आने में 18 दिन लग गए। शव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े।
परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है। अब पत्नी शकुंतला देवी पर तीनों बेटियों की परवरिश और पढ़ाई की जिम्मेदारी आ गई है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से परिवार को हरसंभव सहयोग और आर्थिक मदद देने की मांग की है।
अंतिम संस्कार के दौरान पूरा गांव उमड़ा और नम आंखों से प्रवासी मजदूर रामबचन यादव को विदाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि मजदूर विदेशों में जाकर अपने परिवार की उम्मीदों का सहारा बनते हैं, लेकिन जब मौत की खबर आती है तो पूरा परिवार बिखर जाता है।


