गाजियाबाद: जिले में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अहम निर्णय लिया है। बुधवार से अग्रिम आदेश तक जिले के सभी स्कूलों एवं कोचिंग सेंटरों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में संचालित की जाएगी। यह फैसला प्रदूषण के बढ़ते स्तर और बच्चों पर उसके दुष्प्रभाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है। इसी क्रम में सोमवार से कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई थीं। अब स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह व्यवस्था कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों पर लागू कर दी गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि यह आदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों के साथ-साथ यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, संस्कृत शिक्षा परिषद, मदरसा बोर्ड एवं अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से संबद्ध सभी स्कूलों और कोचिंग सेंटरों पर प्रभावी होगा। हाइब्रिड मोड के अंतर्गत विद्यालय अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन एवं सीमित भौतिक उपस्थिति के साथ कक्षाएं संचालित कर सकेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों को बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सावधानियां बरतनी होंगी। साथ ही, जिन छात्रों के लिए स्कूल आना संभव नहीं है, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
प्रशासन ने सभी स्कूल एवं कोचिंग सेंटर संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे आदेशों का कड़ाई से पालन करें। वायु गुणवत्ता में सुधार होने पर आगे की शिक्षा व्यवस्था को लेकर पुनः समीक्षा की जाएगी। फिलहाल बच्चों को प्रदूषण से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।


