गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र के अशोक विहार में रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी योगेश की हत्या का मामला अब एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के रूप में सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी वही व्यक्ति है, जिसने 17 साल पहले अपने पिता के साथ मिलकर अपने ही सगे चाचा के पूरे परिवार की बेरहमी से हत्या की थी।
गुरुवार को योगेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जांच में मामला आपसी विवाद का प्रतीत हो रहा था, लेकिन जब पुलिस ने आरोपी अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया तो उसके खौफनाक आपराधिक इतिहास ने पूरे केस को सनसनीखेज बना दिया।
पुलिस के अनुसार अरविंद कुमार मूल रूप से बुलंदशहर जिले के ग्राम बरारी का रहने वाला है। वर्ष 2008 में उसने अपने पिता के साथ मिलकर अपने सगे चाचा के परिवार के आठ लोगों की हत्या कर दी थी। उस समय अरविंद नाबालिग था, जबकि उसके पिता को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद अरविंद लोनी में आकर बस गया और चक्की की दुकान खोलकर सामान्य जीवन जीने लगा।
पूछताछ में अरविंद ने बताया कि मृतक योगेश से उसका लंबे समय से विवाद चल रहा था। अरविंद गली के आवारा कुत्तों को दूध और खाना देता था, जिसका योगेश विरोध करता था। शराब के नशे में वह अक्सर अरविंद से झगड़ा करता और गाली-गलौज करता था, जिससे दोनों के बीच रंजिश बढ़ती गई।
इसी बीच योगेश के बेटे नीतीश और गुड्डू अपने पिता के व्यवहार से परेशान थे। उन्होंने अपने पिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और अरविंद को 5 लाख रुपये की सुपारी देने का प्रस्ताव दिया। पुरानी दुश्मनी और पैसों के लालच में अरविंद हत्या के लिए तैयार हो गया।
इस साजिश में अरविंद ने अपने जीजा नवीन को भी शामिल किया, जो यूपी पुलिस में सिपाही है और कौशांबी की मीडिया सेल में तैनात था। छुट्टी पर आए नवीन ने ही योगेश पर गोलियां चलाईं। ड्यूटी पर वापस न लौटने के कारण उसे पहले ही लाइन हाजिर किया जा चुका है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लोनी पुलिस ने चार टीमें गठित कर फरार सिपाही नवीन और योगेश के दोनों बेटों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस योगेश के बैंक खातों की भी जांच कर रही है, क्योंकि सुपारी की रकम खातों के माध्यम से देने की योजना थी।
सहायक पुलिस आयुक्त लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि मुख्य शूटर गिरफ्तार किया जा चुका है और जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के शिकंजे में लिया जाएगा।


