काठमांडू/महराजगंज: नेपाल में सोशल मीडिया बैन और सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने रविवार को बड़ा हिंसक रूप ले लिया। राजधानी काठमांडू समेत कई जिलों में युवाओं के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के दौरान बवाल मच गया। इस दौरान अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 500 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का इलाज नेपाल के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
लगातार बिगड़ते हालात के चलते नेपाल सरकार ने रविवार की देर रात सोशल मीडिया से प्रतिबंध हटा लिया, लेकिन शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सोमवार सुबह 8:30 बजे से काठमांडू के अधिकांश इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया। इसके अलावा कई जिलों में धारा 144 लागू कर जुलूस और प्रदर्शनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
नेपाल के हालात का असर भारत-नेपाल सीमा पर भी दिख रहा है। महराजगंज जनपद के सोनौली बॉर्डर समेत सभी सीमाई चौकियों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने बताया कि सीमा क्षेत्रों में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही नेपाल से आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सघन चेकिंग की जा रही है।
हिंसा और कर्फ्यू के चलते बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक नेपाल से वापस लौट रहे हैं। वहीं, नेपाल घूमने की योजना बनाकर सीमा पर पहुंचे पर्यटक भी मौजूदा हालात को देखते हुए लौट रहे हैं।



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