नई दिल्ली: 1 नवंबर 2025 से भारत में डिजिटल प्रोसेस को और आसान, तेज़ और पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए पाँच बड़े नियम लागू हो रहे हैं। ये बदलाव सीधे आम जनता के बैंकिंग, आधार और वित्तीय लेन-देन पर असर डालेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीकी सुधारों से नागरिकों को एक ईजी, सेफ और रिलाएबल डिजिटल रास्ता मिले।
आधार अपडेट अब पूरी तरह ऑनलाइन
UIDAI ने आधार अपडेट प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। अब नाम, पता, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर बदलने के लिए किसी दस्तावेज़ की जरूरत नहीं होगी। पैन, राशन कार्ड या पासपोर्ट जैसे सरकारी डॉक्यूमेंट्स से ऑटोमैटिक वेरिफिकेशन होगा। इससे लोगों को आधार केंद्रों की लाइन से राहत मिलेगी।
पैन-आधार लिंक अनिवार्य, नहीं किया तो पैन होगा निष्क्रिय
सरकार ने साफ किया है कि 31 दिसंबर 2025 तक सभी पैन कार्ड धारकों को अपना पैन आधार से लिंक कराना होगा। जो कार्ड लिंक नहीं होंगे, वे 1 जनवरी 2026 से निष्क्रिय माने जाएंगे। ऐसे खातों से वित्तीय लेन-देन रुक सकता है।
बैंक अकाउंट और लॉकर के नए नियम
अब ग्राहक अपने खाते या लॉकर में चार नॉमिनी तक रख सकेंगे। साथ ही, वे हर नॉमिनी की हिस्सेदारी तय कर सकेंगे, जिससे विवाद की संभावना खत्म होगी।
म्यूचुअल फंड में नई पारदर्शिता
SEBI ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए KYC और फोलियो ओपनिंग प्रक्रिया को और व्यवस्थित किया है। इससे बाजार में ट्रांसपेरेंसी और निवेशकों की सुरक्षा बढ़ेगी।
क्रेडिट कार्ड यूज़ पर नया चार्ज
SBI कार्ड धारकों को अब अनसिक्योर्ड कार्ड पर 3.75% अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं, CRED, CheQ, Mobikwik जैसे ऐप्स से फीस भुगतान करने पर 1% एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा, जबकि स्कूल की वेबसाइट या POS मशीन से भुगतान पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।


