नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 16 वर्षीय दसवीं कक्षा के छात्र ने बुधवार दोपहर मेट्रो के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
घटना दोपहर 2:34 बजे राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन की है। बच्चा ड्रामा क्लब जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन स्टेशन पहुंचकर उसने ट्रेन के सामने कूदने का भयावह कदम उठा लिया। उसे तुरंत बीएलके अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सुसाइड नोट में लिखी आखिरी ख्वाहिश
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि लड़के के बैग से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने अपनी पहचान लिखने के साथ-साथ पढ़ने वाले से एक दिए गए नंबर पर संपर्क करने को कहा। सुसाइड नोट में छात्र ने स्कूल के तीन शिक्षकों और प्रिंसिपल पर लगातार मानसिक प्रताड़ना देने का गंभीर आरोप लगाया है। उसने लिखा कि लगातार डांट-फटकार और अपमान के कारण वह टूट चुका था और इसी वजह से उसे यह कदम उठाना पड़ा।
सुसाइड नोट में छात्र ने लिखाः
“सॉरी भैया, हर उस समय के लिए जब मैंने आपको परेशान किया।”
“सॉरी मम्मी, मैंने कई बार आपका दिल तोड़ा, और अब मैं आखिरी बार ऐसा कर रहा हूं।”
छात्र ने अपनी आखिरी इच्छा जताते हुए कहा कि उसके जो अंग उपयोग में आ सकते हैं उन्हें जरूरतमंदों को दान कर दिया जाए।
इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक के पिता ने एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनका बेटा लगातार स्कूल स्टाफ की प्रताड़ना के कारण तनाव में था। उन्होंने कहा कि बेटे को छोटी-छोटी बातों पर डांटा जाता था, टीसी देने की धमकी दी जाती थी और यहां तक कि एक शिक्षक ने धक्का भी दिया था।
पिता के अनुसार, दो सहपाठियों ने यह बताया कि उसे एक ड्रामा क्लास में गिरने पर अपमानित किया गया, मज़ाक उड़ाया गया और कहा गया कि वह ‘ओवरएक्टिंग’ कर रहा है। बच्चे के रोने पर भी शिक्षिका ने कहा कि उसके आंसुओं से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
पिता ने एफआईआर में लिखा है कि घटना के समय प्रिंसिपल भी मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने एक भी शब्द नहीं कहा। पिता का आरोप है कि शिक्षकों की क्रूरता और असंवेदनशीलता ने उनके बेटे को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने पुलिस से सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


