बुलंदशहर: गुरुवार को शिकारपुर क्षेत्र में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही और दिन में भी हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी नजर आने लगा।

घने कोहरे और सर्द हवाओं के चलते बाजार देर से खुले, जिससे कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं ठंड बढ़ने के कारण गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ी। ठंड में ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे, जबकि अभिभावकों को भी उन्हें तैयार करने में कठिनाई हुई।
सर्दी से बचाव के लिए लोग सुबह-शाम अलाव का सहारा लेने लगे। नगर पालिका शिकारपुर ने भी जगह-जगह अलाव जलाए, ताकि जरूरतमंद लोग ठंड से राहत पा सकें। ईओ नीतू सिंह ने इस व्यवस्था की जानकारी दी।
सीएचसी प्रभारी डॉ. शशि शेखर सिंह ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, बीमार और नवजात बच्चों का विशेष ध्यान रखें, गर्म कपड़े पहनें और गर्म, पौष्टिक भोजन करें।
बढ़ती ठंड के चलते तिल-गुड़ से बनी चीजों की खपत भी बढ़ गई है। तिल पट्टी, गजक और लड्डू इन दिनों लोगों की पसंद बन गए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में पारा और गिर सकता है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।


