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  • 02/03/2026
  • Last Update 01/03/2026 8:01 pm
  • Lucknow

2026 की ऐसी शुरुआत जो किस्मत बदल दे, 1 जनवरी को बन रहे हैं 9 शुभ और दुर्लभ संयोग, जानिए अपने राशियों का प्रभाव

2026 की ऐसी शुरुआत जो किस्मत बदल दे, 1 जनवरी को बन रहे हैं 9 शुभ और दुर्लभ संयोग, जानिए अपने राशियों का प्रभाव

नई दिल्ली: नया साल 2026 गुरुवार से शुरू हो रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ माना जाता है। वर्ष 2025 के उतार-चढ़ाव के बाद लोग 2026 को लेकर उत्सुक और आशान्वित हैं। खास बात यह है कि 1 जनवरी 2026 को एक साथ 9 मंगलकारी संयोग बन रहे हैं, जो पूरे वर्ष सुख-समृद्धि का संकेत देते हैं।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, तिथि, वार, नक्षत्र और योग चारों का ऐसा संयोग बहुत कम देखने को मिलता है। इसी कारण 1 जनवरी 2026 को धार्मिक, आध्यात्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

जानिए शुभ संयोग के बारे में

  1. पौष माह की विशेष तिथि
    1 जनवरी 2026 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह से रात 10:22 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी आरंभ होगी। ये दोनों तिथियां भगवान शिव को समर्पित मानी जाती हैं। इस दिन की गई शिव आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है।
  2. गुरु प्रदोष व्रत का दुर्लभ योग
    नए साल का पहला दिन ही गुरु प्रदोष व्रत का संयोग लेकर आ रहा है। गुरुवार के दिन पड़ने वाला यह प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा दिलाने वाला माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन की पूजा से वर्षभर कष्टों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
  3. गुरुवार और विष्णु कृपा
    गुरुवार भगवान विष्णु को समर्पित दिन है। इस दिन विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा से धन, वैभव और स्थायित्व में वृद्धि होती है। नए साल की शुरुआत विष्णु कृपा के साथ होना अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है।
  4. शुभ योग और शुक्ल योग
    1 जनवरी को सुबह से शाम 5:12 बजे तक शुभ योग रहेगा। इसके बाद शुक्ल योग प्रभावी होगा। दोनों योग नए कार्यों की शुरुआत और मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं।
  5. रवि योग का निर्माण
    रात 10:48 बजे के बाद रवि योग का निर्माण होगा। यह योग दोष नाशक माना जाता है और इसमें किए गए कार्यों से बाधाएं दूर होती हैं।
  6. नंदी पर शिववास
    इस दिन भगवान शिव का वास उनके वाहन नंदी पर रहेगा। सुबह से रात 10:22 बजे तक का समय रुद्राभिषेक और शिव पूजन के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
  7. रोहिणी नक्षत्र
    रोहिणी नक्षत्र को समृद्धि और विकास का प्रतीक माना जाता है। नए साल की शुरुआत इस नक्षत्र में होना विशेष शुभ संकेत है।
  8. वृषभ राशि में उच्च के चंद्रमा
    1 जनवरी 2026 को चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में स्थित रहेंगे। इससे मानसिक शांति, सुख और निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है।
  9. मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम दिन
    इन सभी योगों के कारण 1 जनवरी 2026 को पूजा-पाठ, संकल्प, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ दिन माना जा रहा है।

1 जनवरी 2026 के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:25 से 6:19
शुभ-उत्तम मुहूर्त: सुबह 7:14 से 8:32
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 से 12:45

इसके अलावा लाभ, अमृत और विजय मुहूर्त भी दिनभर उपलब्ध रहेंगे।

राशियों पर नए साल के पहले दिन का प्रभाव

मेष: साहस और निर्णय क्षमता बढ़ेगी।
वृषभ: स्थिर सोच और आर्थिक समझ मजबूत होगी।
मिथुन: संवाद और विचारों से नई दिशा मिलेगी।
कर्क: भावनात्मक संतुलन और पारिवारिक सुख।
सिंह: नेतृत्व क्षमता और आत्मसम्मान में वृद्धि।
कन्या: अनुशासन और दिनचर्या में सुधार।
तुला: रिश्तों में संतुलन और समाधान।
वृश्चिक: आंतरिक मजबूती और मानसिक शांति।
धनु: नई उम्मीदें और भविष्य की योजनाएं।
मकर: लक्ष्य के प्रति स्पष्टता और मेहनत का फल।
कुंभ: नए विचार और सामाजिक बदलाव।
मीन: अंतर्ज्ञान और भावनात्मक स्थिरता।

ज्योतिषीय दृष्टि से 1 जनवरी 2026 केवल नए साल की तारीख नहीं, बल्कि शुभता, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का द्वार मानी जा रही है। इन दुर्लभ संयोगों के साथ शुरू हो रहा नया साल लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि और नई शुरुआत का संदेश लेकर आ सकता है।

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