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  • 02/03/2026
  • Last Update 01/03/2026 8:01 pm
  • Lucknow

पीएम किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों को जोड़ने की बड़ी पहल, यूपी के गांव-गांव में चलेगा महाअभियान

पीएम किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों को जोड़ने की बड़ी पहल, यूपी के गांव-गांव में चलेगा महाअभियान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायती चुनावों की सरगर्मियों के बीच राज्य सरकार ने किसानों को केंद्र में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से अब तक वंचित रह गए किसानों को जोड़ने के लिए पूरे प्रदेश में महाअभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के जरिए उन लाखों किसानों तक पहुंचने की योजना है, जो पात्र होने के बावजूद अब तक पीएम किसान पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करा सके हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के लगभग 14.7 प्रतिशत किसान अभी भी पोर्टल से बाहर हैं, जिसके कारण उन्हें न केवल सम्मान निधि बल्कि खेती-किसानी से जुड़ी कई अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।

छह विभाग मिलकर संभालेंगे मोर्चा

राज्य सरकार ने इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कृषि, उद्यान, राजस्व, गन्ना, पशुपालन और मत्स्य विभागों को एक मंच पर लाया है। इन विभागों के अधिकारी और फील्ड स्टाफ गांव स्तर पर ऐसे किसानों की पहचान करेंगे, जो तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से पंजीकरण से वंचित रह गए हैं। मौके पर ही उनकी समस्याओं का समाधान कर पंजीकरण पूरा कराया जाएगा।

1 अप्रैल से पहले रजिस्ट्रेशन जरूरी

केंद्र सरकार ने राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 1 अप्रैल 2026 के बाद पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त केवल पंजीकृत किसानों को ही दी जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 26 जनवरी के बाद प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। किसानों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपना पंजीकरण और ई-केवाईसी पूरा करा लें।

हर जिले में ब्लॉकवार लगेंगे शिविर

राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीएम किसान पोर्टल पर किसानों का विवरण अद्यतन कराया जाए। इसके तहत

  • प्रत्येक जिले में बड़े स्तर पर पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे
  • हर विकास खंड में कम से कम एक शिविर अनिवार्य रूप से आयोजित होगा

इन शिविरों में आधार सत्यापन, बैंक खाता अपडेट और भूमि विवरण से जुड़ी दिक्कतों को मौके पर ही दूर किया जाएगा।

तकनीकी खामियों से अटके लाखों किसान

गैर-पंजीकृत किसानों में एक हिस्सा ऐसे किसानों का है, जो योजना की पात्रता में नहीं आते—जैसे आयकर दाता या सरकारी नौकरी करने वाले किसान। हालांकि, बड़ी संख्या ऐसे किसानों की है जिनका पंजीकरण आधार, बैंक खाता या ई-केवाईसी की त्रुटियों के कारण अधूरा रह गया है। अभियान के दौरान इन्हीं खामियों को दूर करने पर विशेष फोकस रहेगा।
अब तक 2.15 करोड़ किसानों को मिल चुकी है 21वीं किस्त

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 21 किस्तें किसानों के खातों में भेजी जा चुकी हैं। प्रत्येक चार माह में 2000 रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं।

नवंबर में जारी 21वीं किस्त में उत्तर प्रदेश के 2,15,71,323 किसानों को 4,314.26 करोड़ रुपये की राशि दी गई।

कई जिलों में पंजीकरण रफ्तार धीमी

हालांकि कुछ जिलों में पंजीकरण की स्थिति बेहतर है, लेकिन कई जिलों में अभी भी बड़ी संख्या में किसान पोर्टल से बाहर हैं। गाजियाबाद जैसे जिले में पंजीकरण प्रतिशत 80 फीसदी से भी कम है, जबकि हरदोई और पीलीभीत जैसे जिलों में आंकड़ा 97 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुका है।

सरकार का दावा है कि इस विशेष अभियान के जरिए शेष बचे किसानों का भी जल्द से जल्द पंजीकरण कराकर उन्हें सम्मान निधि की आगामी किस्तों से जोड़ा जाएगा, ताकि कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रहे।

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