कुशीनगर: तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के विद्यावती देवी महिला महाविद्यालय, वैष्णवी नगर (झरही) की छात्रा राजनंदिनी सिंह ने भोजपुरी संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। बीए तृतीय वर्ष की होनहार छात्रा राजनंदिनी को उनकी उत्कृष्ट गायकी के लिए “बिहार रत्न” सम्मान से नवाजा गया। इस खबर के बाद महाविद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई और प्रबंधक बबलू राय, शिक्षक एवं कर्मचारीगणों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
राजनंदिनी सिंह अब तक 400 से अधिक भोजपुरी गीत गा चुकी हैं और उनके गाने यूट्यूब पर खूब लोकप्रिय हैं। उनके हालिया चर्चित गीतों में “दिलवे में राख लिही का”, “बाघ ह बिहार के”, “दिल न दिया” और “हीरोइन हई हम” शामिल हैं। श्रोताओं के कमेंट्स और लाखों व्यूज से पता चलता है कि उन्होंने भोजपुरी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ली है।
उभरती हुई गायिका ने खेसारी लाल यादव, पवन सिंह, अंकुश राजा, प्रमोद प्रेमी, कल्लू, समर सिंह जैसे कई बड़े कलाकारों के साथ स्टेज शो किए हैं। इसके बावजूद वह पढ़ाई में भी अव्वल हैं। महाविद्यालय, शिक्षक और मित्रों का सहयोग उन्हें निरंतर मिलता रहा है।
राजनंदिनी अपने पिता विकास सिंह को अपनी सफलता का सबसे बड़ा कारण मानती हैं। पिता का मार्गदर्शन और माता का सहयोग उन्हें हर कदम पर प्रेरित करता रहा है। बिहार के गोपालगंज जनपद के चतुर बगहा गांव की निवासी राजनंदिनी अब भोजपुरी संगीत उद्योग में एक उभरती सितारा बन चुकी हैं। महाविद्यालय और क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि वह आगे और भी ऊंचाइयों को छुएंगी और अपनी प्रतिभा से भोजपुरी संगीत को नई पहचान देंगी।


