गाजियाबाद: जनपद में नशे के अवैध कारोबार पर करारा प्रहार करते हुए स्वाट टीम और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित इसकफ और फेनसेंडिल कफ सिरप की तस्करी से जुड़े एक अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी लंबे समय से तस्करी नेटवर्क के लिए ट्रांसपोर्ट व्यवस्था संभाल रहा था।
पुलिस के मुताबिक, गुप्त सूचना मिली थी कि कफ सिरप तस्करी के मामले में फरार आरोपी मेरठ रोड स्थित नए बस अड्डे के पास आने वाला है। सूचना की पुष्टि होते ही स्वाट टीम और क्राइम ब्रांच ने इलाके में घेराबंदी कर कमल मौर्य (40 वर्ष) को मौके से दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (हौशंगाबाद) जिले का निवासी है और वर्तमान में भोपाल जनपद में रह रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से ट्रांसपोर्ट लाइन में कार्यरत था। इसी दौरान उसका संपर्क मध्य प्रदेश के मंडला जिले के एक व्यक्ति से हुआ, जिसने उसे कफ सिरप तस्करी के अवैध धंधे से जोड़ा।
आरोपी ने बताया कि उसका मुख्य काम मांग के अनुसार ट्रक उपलब्ध कराना था। इन ट्रकों में चूना, चावल, चीनी, गेहूं, नमकीन और चिप्स जैसे सामानों के बीच प्रतिबंधित कफ सिरप छिपाकर एक राज्य से दूसरे राज्य तक भेजा जाता था। इसके बदले उसे हर खेप पर मोटा कमीशन दिया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी गाजियाबाद के मछली गोदाम क्षेत्र से जुड़े कुछ ट्रांसपोर्टरों के संपर्क में था, जिनके माध्यम से यह तस्करी नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था।
गौरतलब है कि कमल मौर्य पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में आरोपी रह चुका है। फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।


