बुलंदशहर: अहमदगढ़ थाना क्षेत्र में हरे-भरे पीपल और नीम के पेड़ अचानक कट गए। यह घटना इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि यह सीधे थाने की दीवार के बगल हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने कोई रोक-टोक नहीं की।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन माफिया और पुलिस की मिलीभगत के कारण यह घृणित कार्य संभव हो पाया। जबकि सरकार लाखों करोड़ रुपए खर्च कर हर साल पेड़ लगवाती और उनकी देखभाल करती है, थाने के बगल यह कटाई पर्यावरण के लिए बड़ी चिंता बन गई है।

वन विभाग के अधिकारियों से कई बार कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी गई, लेकिन अधिकारी और कर्मचारी टाल-मटोल करते नजर आए। क्षेत्रीय वन अधिकारी आदित्य सिंह ने बताया, “टीम भेजी गई है, दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और उचित कार्रवाई की जाएगी।”

स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस और वन विभाग की निष्क्रियता ने वन माफियाओं के हौसले बुलंद कर दिए हैं। सवाल यह भी उठता है कि जब गरीब किसान अपने खेत या गिरते हुए पेड़ काटते हैं, तो पुलिस तुरंत पहुंचती है, लेकिन थाने के सामने दर्जनों पेड़ों की अवैध कटाई के दौरान वही पुलिस और वन विभाग चुप क्यों रहे।
अब नजर यह बनी हुई है कि उच्च अधिकारी इस मामले की गंभीर जांच करेंगे या यह भी भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ जाएगा।


