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  • 02/03/2026
  • Last Update 01/03/2026 8:01 pm
  • Lucknow

महराजगंज में प्रकृति का दुर्लभ करिश्मा, पेट से जुड़ी जुड़वा बच्चियों का जन्म, डॉक्टर भी रह गए हैरान

महराजगंज में प्रकृति का दुर्लभ करिश्मा, पेट से जुड़ी जुड़वा बच्चियों का जन्म, डॉक्टर भी रह गए हैरान

महराजगंज: जनपद के कोल्हुई कस्बे में शनिवार को एक असाधारण चिकित्सकीय मामला सामने आया, जिसने डॉक्टरों से लेकर आम लोगों तक को चौंका दिया। एपेक्स हॉस्पिटल में कराई गई सिजेरियन डिलीवरी के दौरान पेट से जुड़ी जुड़वा बच्चियों का जन्म हुआ। यह स्थिति बेहद दुर्लभ मानी जाती है और इसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में कॉन्जॉइंड ट्विन्स कहा जाता है।

प्रसव के दौरान सिजेरियन का निर्णय

बृजमनगंज क्षेत्र के करमहा चौराहा निवासी सनोज शर्मा की पत्नी मंजू को जब प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजन उन्हें तुरंत कोल्हुई स्थित एपेक्स हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद सामान्य प्रसव को जोखिमपूर्ण मानते हुए डॉक्टरों ने ऑपरेशन से डिलीवरी कराने का फैसला किया।

डिलीवरी के बाद सामने आया दुर्लभ सच

ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन नवजातों की प्रारंभिक जांच के दौरान डॉक्टरों को यह देखकर हैरानी हुई कि दोनों बच्चियों का पेट आपस में जुड़ा हुआ है। इस असामान्य संरचना के कारण अस्पताल में कुछ देर के लिए स्तब्धता का माहौल बन गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस प्रकार के मामले वर्षों में एक-दो बार ही देखने को मिलते हैं।

निगरानी में मां और नवजात

डिलीवरी के बाद मां और दोनों बच्चियों को विशेष निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों के मुताबिक फिलहाल तीनों की हालत स्थिर है। जानकारी के अनुसार मंजू पहले से दो बेटियों की मां हैं, जिनकी उम्र क्रमशः तीन और पांच वर्ष बताई जा रही है।

इलाज को लेकर बढ़ी परिवार की चिंता

नवजात बच्चियों की स्थिति जानने के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। पिता सनोज शर्मा का कहना है कि वे अपनी बेटियों के बेहतर इलाज को लेकर बेहद चिंतित हैं और चाहते हैं कि उन्हें ऐसी जगह इलाज मिले, जहां आधुनिक और विशेषज्ञ सुविधाएं उपलब्ध हों।

विशेष केंद्र में उपचार की सलाह

एपेक्स हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अरशद खान ने बताया कि पेट से जुड़े जुड़वा बच्चों को अलग करने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल होती है और यह केवल उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में ही संभव है। इसी को देखते हुए परिजनों को हायर मेडिकल सेंटर में रेफर कराने की सलाह दी गई है।

यह घटना न केवल चिकित्सा विज्ञान की जटिलताओं को उजागर करती है, बल्कि प्रकृति की अनोखी रचना का भी उदाहरण प्रस्तुत करती है। फिलहाल परिजन और डॉक्टर दोनों ही बच्चियों के बेहतर भविष्य को लेकर उम्मीद लगाए हुए हैं।

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