गाजियाबाद: नंदग्राम निवासी एवं असम राइफल्स के वीर जवान स्वर्गीय चंद्र मोहन सिंह को शुक्रवार को हिंडन घाट पर पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटे वीर सपूत की अंतिम यात्रा में देशभक्ति का जज़्बा, सम्मान और भावनाएं एक साथ दिखाई दीं। गार्ड ऑफ ऑनर और सैन्य सलामी के बीच हजारों नम आंखों ने अपने वीर बेटे को अंतिम प्रणाम किया।
अंतिम संस्कार के दौरान सैन्य टुकड़ी ने परंपरानुसार गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद के अद्वितीय साहस और राष्ट्र सेवा को सलाम किया। पूरे वातावरण में “भारत माता की जय” और “शहीद चंद्र मोहन सिंह अमर रहें” के उद्घोष गूंजते रहे। हिंडन घाट पर मौजूद हर व्यक्ति इस भावुक क्षण का साक्षी बना और वीर जवान के सर्वोच्च बलिदान को नमन करता नजर आया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, उप जिलाधिकारी (सदर) अरुण दीक्षित, 56 फील्ड रेजिमेंट, मेरठ के कर्नल नवीन शर्मा सहित सेना, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभी ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि चंद्र मोहन सिंह का बलिदान राष्ट्र के इतिहास में सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
स्वर्गीय चंद्र मोहन सिंह अपने पीछे पत्नी मंजू देवी रावत, पुत्र राहुल सिंह रावत तथा पुत्रियां रितिका रावत और यशिका रावत को छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि चंद्र मोहन सिंह ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनका सर्वोच्च बलिदान देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेगा।


