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  • August 22, 2026
  • Last Update August 17, 2026 8:12 AM
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सीएम के निवेश अभियान को झटका? लोनी यूपीसीडा पर भ्रष्टाचार और बदहाल सुविधाओं के गंभीर आरोप

सीएम के निवेश अभियान को झटका? लोनी यूपीसीडा पर भ्रष्टाचार और बदहाल सुविधाओं के गंभीर आरोप

गाजियाबाद: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए लगातार निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने का आह्वान कर रहे हैं। इसी भरोसे पर देश के विभिन्न राज्यों से कई उद्यमियों ने गाजियाबाद के लोनी स्थित यूपीसीडा औद्योगिक क्षेत्र में करोड़ों रुपये का निवेश किया, लेकिन अब वही निवेशक बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परेशान नजर आ रहे हैं।

लोनी औद्योगिक क्षेत्र की तस्वीर विकास के दावों से बिल्कुल अलग दिखाई देती है। यहां की अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बारिश के दौरान जलभराव के कारण फैक्ट्रियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। माल ढोने वाले भारी वाहन घंटों फंसे रहते हैं, जिससे उत्पादन और सप्लाई चेन दोनों प्रभावित होती हैं। ड्रेनेज व्यवस्था बदहाल होने से औद्योगिक क्षेत्र में गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहता है।

उद्योग संचालकों का कहना है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति और लगातार लो-वोल्टेज के कारण मशीनें पूरी क्षमता से नहीं चल पातीं। वहीं पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से कई इकाइयों को निजी टैंकरों के जरिए पानी मंगवाना पड़ रहा है, जिससे उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है।

इस बीच, कई उद्यमियों ने यूपीसीडा कार्यालय की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि नक्शा स्वीकृति, एनओसी, लीज संबंधी कार्यों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी की जाती है। सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में काम जल्दी कराने के नाम पर अवैध धन की मांग किए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

उद्योग जगत का मानना है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र में नए निवेश की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और कई छोटे एवं मध्यम उद्योग आर्थिक संकट में आ सकते हैं। उनका कहना है कि औद्योगिक विकास केवल निवेश आमंत्रित करने से नहीं, बल्कि निवेशकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं और पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराने से संभव होगा।

उद्यमियों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि लोनी यूपीसीडा की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए, औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि तभी उत्तर प्रदेश वास्तव में निवेशकों के लिए भरोसेमंद और उद्योग-अनुकूल राज्य बन सकेगा।

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