बुलंदशहर: बच्चों में बार-बार उल्टी, दस्त, पेट दर्द और भूख न लगने जैसी समस्याओं की बड़ी वजह पेट में मौजूद कीड़े होते हैं। ये कीड़े बच्चों को धीरे-धीरे कुपोषण की ओर ले जाते हैं, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। इसी समस्या से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार को जिलेभर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) निशा ग्रेवाल ने दिल्ली पब्लिक स्कूल में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वस्थ रहना ही समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव है, और ऐसे अभियान इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार दोहरे ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 16 लाख 54 हजार 228 बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल दवा दी जा रही है। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष कैंप लगाकर प्रशिक्षित टीमों की निगरानी में बच्चों को दवा खिलाई जा रही है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने जानकारी दी कि एल्बेंडाजोल पेट के कीड़ों को खत्म कर शरीर में खून की कमी, कमजोरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट जैसी समस्याओं को रोकती है। दवा को चबाकर खिलाया गया, जबकि छोटे बच्चों के लिए इसे पीसकर दिया गया।
उन्होंने बताया कि पेट के कीड़ों के कारण बच्चे न तो ठीक से भोजन पचा पाते हैं और न ही उनकी ऊर्जा का सही विकास हो पाता है, जिससे पढ़ाई और व्यवहार पर भी असर पड़ता है। इसी वजह से यह अभियान स्वास्थ्य विभाग की कड़ी निगरानी में चलाया जा रहा है।


