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  • July 15, 2026
  • Last Update July 14, 2026 10:20 PM
  • Lucknow

श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धा के साथ मना भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, जयघोष से गूंजा पंडाल

श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धा के साथ मना भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, जयघोष से गूंजा पंडाल

महराजगंज: नौतनवां ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत रेहरा टोला महुलानी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा नवाह ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन बुधवार की रात्रि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म का मंगल प्रसंग आया, पंडाल जयघोषों और भजनों से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

“नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे भक्ति गीतों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। जन्मोत्सव के अवसर पर मुख्य यजमान लवजारी पाल एवं उनकी पत्नी विन्द्रावन पाल ने विधिवत पूजन-अर्चन कर भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग महाप्रसाद अर्पित किया। आकर्षक झांकियों, दीप-आरती और संकीर्तन ने कार्यक्रम को और भी दिव्य बना दिया।

कथा व्यास पं. माधवाचार्य जी महाराज ने श्रीकृष्ण अवतार की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि जब पृथ्वी पापाचार से व्याकुल हो उठी, तब देवताओं की प्रार्थना पर भगवान ने कृष्ण रूप में अवतार लेकर अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना का संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए आचरण का मार्गदर्शन हैं।

वामनावतार का उल्लेख करते हुए कथा व्यास ने कहा कि संसार में जो कुछ भी हमारे पास है, वह ईश्वर की ही देन है। जब मनुष्य अहंकार त्यागकर वही सब ईश्वर को समर्पित कर देता है, तब उसे मुक्ति का मार्ग प्राप्त होता है—जैसा कि महाराज बलि ने किया।

कार्यक्रम में यज्ञाचार्य पं. चंद्रभूषण शास्त्री, पं. रमेश पाण्डेय, उमेश पाण्डेय सहित सुदर्शन पाल, दशरथ, महेन्द्र, शंकर और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। देर रात तक चले भजन-कीर्तन और आरती के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव आध्यात्मिक उल्लास में संपन्न हुआ।

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