गाजियाबाद: कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस ने ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत एक जघन्य अपहरण और हत्या के मामले में प्रभावी पैरवी कर तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई है। अदालत ने दोषियों पर कुल 23 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है।
यह सफलता पुलिस आयुक्त के निर्देशन में गठित ‘कन्विक्शन सेल’ की सक्रिय निगरानी, विवेचक द्वारा साक्ष्यों के सशक्त संकलन और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) संजीव कुमार की प्रभावी दलीलों का परिणाम है।
मामला थाना नन्दग्राम क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 4 मई 2024 को अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि अभियुक्त मनीष, रोहित और विकास ने फिरौती की नीयत से वादी के पुत्र का अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर शव को जंगल में छिपा दिया।
मा० अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-04), गाजियाबाद ने सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को धारा 302/120B और 364A/120B के तहत आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
इसके अतिरिक्त धारा 201 के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास और 2 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया। अभियुक्त विकास को आर्म्स एक्ट के तहत 2 वर्ष का कठोर कारावास व 1 हजार रुपये का जुर्माना अलग से दिया गया।
इस फैसले को गाजियाबाद पुलिस की सख्त कार्यशैली और न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ इसी तरह प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


