अहमदाबाद: IPL के रोमांचक फाइनल मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया। डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में मैदान में उतरी RCB ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए फाइनल में दमदार जीत दर्ज की। टीम की इस यादगार जीत की सबसे बड़ी नींव उसकी विस्फोटक ओपनिंग साझेदारी रही, जिसने शुरुआत से ही मुकाबले का रुख RCB की ओर मोड़ दिया।

155 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB को सलामी बल्लेबाजों ने तूफानी शुरुआत दिलाई। विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर ने शुरुआती ओवरों में आक्रामक अंदाज अपनाते हुए विपक्षी गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किए। चौकों और छक्कों की बारिश के बीच दोनों बल्लेबाजों ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया, जिससे गुजरात की टीम शुरुआती दबाव में आ गई।

पावरप्ले के दौरान RCB ने हालांकि वेंकटेश अय्यर और देवदत्त पडिक्कल के रूप में दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। कप्तान रजत पाटीदार भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके, लेकिन इसके बाद स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने टीम की जिम्मेदारी संभाली। ‘चेज मास्टर’ कहे जाने वाले विराट ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 75 रनों की शानदार पारी खेली और 18वें ओवर के आख़िरी गेंद पर छक्का जड़कर टीम को बेहतरीन जीत दिलाई।
RCB की बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आया। तेज रन गति और सकारात्मक रवैये ने शुरुआत से ही विपक्षी गेंदबाजों को पूरे मैच में दबाव में बनाए रखा। टीम ने साबित किया कि पिछली बार मिली ट्रॉफी कोई संयोग नहीं थी, बल्कि वह निरंतर बेहतर प्रदर्शन का परिणाम थी।
लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतने के साथ RCB ने खुद को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत फ्रेंचाइजी में शामिल कर लिया है। कप्तान रजत पाटीदार की नेतृत्व क्षमता और खिलाड़ियों के सामूहिक प्रदर्शन ने फैंस को जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया।


