रामनगर: पावन वाल्मीकि तीर्थ सीतावनी में इस वर्ष का श्रद्धा पर्व भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता के अद्भुत संगम के रूप में भव्यता के साथ मनाया गया। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज भावाधस (भीम) के राष्ट्रीय प्रमुख वीरेश भीम अनार्य जी के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान वाल्मीकि महाराज के चरणों में श्रद्धा अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान वाल्मीकि महाराज की ज्योति प्रज्वलन एवं संत महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर मुख्य प्रवचनकर्ता महामंडलेश्वर स्वामी विवेकनाथ महाराज (नई दिल्ली) और विशिष्ट अतिथि धर्मगुरु विराटनाथ महाराज (नई दिल्ली) ने अपने प्रवचनों के माध्यम से समाज को धर्म, एकता और मानव सेवा का संदेश दिया।

पूरे आयोजन के दौरान भक्ति का वातावरण बना रहा। पंजाब से आए भजन गायकों ने मधुर भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं हरियाणा के टोहाना से आई हरपाल आदिवासी जी की टीम ने भव्य भंडारे का आयोजन कर सेवा भाव का परिचय दिया। गुरुग्राम से आए प्रदेश प्रभारी सुरेश बहोत जी द्वारा भी उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गईं, जिसकी सभी ने सराहना की।

इस अवसर पर वीरेश भीम अनार्य जी ने श्रद्धा पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह आयोजन प्रथम आदि धर्मगुरु वीरेश विकल जी महाराज की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में हर वर्ष 26 अप्रैल को आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह दिन समाज के लिए प्रेरणा और एकजुटता का प्रतीक है।
सीतावनी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि यह वही स्थान है जहां माता सीता ने भगवान वाल्मीकि के आश्रम में शरण ली थी और लव-कुश का जन्म हुआ था। यही पर महर्षि वाल्मीकि द्वारा गुरुकुल संचालित किया गया, जिसकी पुष्टि पुरातत्व विभाग द्वारा भी की जा चुकी है।
कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष आकाश आनंद ने किया, जबकि उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष मनोज पवार जी ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुख्य अतिथियों को सम्मानित भी किया गया।
संगठन विस्तार के क्रम में कई नई नियुक्तियों की घोषणा भी की गई। एकलव्य वाल्मीकि को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, गुरमुख भारती को प्रदेश उपाध्यक्ष, अर्चना वाल्मीकि को ब्रज प्रदेश अध्यक्ष (महिला विंग) तथा अनीता रानी को गुरुग्राम जिला अध्यक्ष (महिला विंग) नियुक्त किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। श्रद्धा, सेवा और समर्पण से ओतप्रोत यह आयोजन समाज में एकता और जागरूकता का सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ।


