बुलंदशहर: शिकारपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम शेखपुर निवासी एक किसान ने यूनियन बैंक की शाखा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। किसान का आरोप है कि बैंक से लिया हुआ कर्ज पूरी तरह चुकाने के बावजूद नोड्यूज प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है और इसके बदले कथित रूप से अवैध पैसे की मांग की जा रही है।
पीड़ित किसान धर्मेंद्र ने शनिवार को एसडीएम अरुण कुमार वर्मा को दिए गए लिखित प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने यूनियन बैंक से अपने नाम, अपनी माता तथा बड़े भाई के नाम पर कुल लगभग दस लाख रुपये का कृषि ऋण लिया था। समय पर संपूर्ण ऋण राशि जमा कर दी गई है, इसके बावजूद बीते चार महीनों से नोड्यूज प्रमाण पत्र के लिए बैंक के लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
किसान का आरोप है कि हर बार बैंक पहुंचने पर शाखा प्रबंधक द्वारा किसी न किसी बहाने से उसे टाल दिया जाता है। कभी कागजात अधूरे बताए जाते हैं तो कभी सिस्टम का हवाला दिया जाता है। पीड़ित का कहना है कि नोड्यूज जारी करने के बदले शाखा प्रबंधक ने सुविधा शुल्क की मांग भी की, जिसे देने से उसने इंकार कर दिया।
धर्मेंद्र ने बताया कि नोड्यूज प्रमाण पत्र न मिलने के कारण वह आगे की बैंकिंग और कृषि योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहा है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। किसान का कहना है कि नियमों के अनुसार ऋण चुकाने के बाद नोड्यूज तुरंत जारी किया जाना चाहिए, लेकिन जानबूझकर देरी कर उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
इस मामले में एसडीएम अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि किसान द्वारा एक शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है। शिकायत की जांच संबंधित अधिकारियों से कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो बैंक प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के अन्य किसानों में भी चिंता देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि ऋण चुकाने के बाद भी उन्हें इस तरह परेशान किया जाएगा, तो बैंकिंग व्यवस्था पर उनका विश्वास कमजोर होगा।


