महराजगंज: नौतनवां विकासखंड के घोड़हवा ग्राम पंचायत में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय इन दिनों शिक्षा से अधिक सुरक्षा के सवाल को लेकर चर्चा में है। विद्यालय की पूर्वी ओर चाहरदीवारी न होने से यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की जान पर हर समय खतरा मंडराता रहता है।
यह विद्यालय उत्तरी चौक रेंज के वन क्षेत्र से सटा हुआ है, जबकि इसके दक्षिण दिशा में भी घना जंगल फैला है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आसपास के इलाके में तेंदुआ, सियार और जंगली सूअर जैसे वन्य जीवों की नियमित आवाजाही रहती है। ऐसे हालात में बिना बाउंड्री वॉल के खुले स्कूल परिसर में बच्चों का आना-जाना सभी को चिंतित कर रहा है।

स्कूल में पढ़ाई के दौरान शिक्षक लगातार सतर्क रहते हैं कि कोई बच्चा गलती से भी परिसर से बाहर न निकल जाए। खासकर मध्यांतर और खेलकूद के समय बच्चों की निगरानी करना शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इसके बावजूद स्थायी सुरक्षा व्यवस्था न होने से किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।
विद्यालय की इस स्थिति को लेकर अभिभावकों में नाराजगी है। अभिभावक राधेश्याम पासवान, दिनेश पासवान, राजू, हेमकुमार, राजकुमार प्रजापति, राघव, हरिलाल, रामप्रसाद, महेंद्र सहित अन्य लोगों का कहना है कि चाहरदीवारी निर्माण को लेकर कई बार संबंधित विभाग को लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।
अभिभावकों का दर्द छलकता है जब वे कहते हैं कि आर्थिक मजबूरी उन्हें अपने बच्चों को इसी स्कूल में पढ़ाने को विवश करती है। यदि उनके पास विकल्प होता, तो वे कभी भी अपने बच्चों को इस तरह जोखिम में नहीं डालते।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी हेमंत कुमार मिश्र ने बताया कि विद्यालय की चाहरदीवारी निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।


