लखनऊ: प्रकाश के पर्व ‘दिवाली’ से पूर्व भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है। सरयू तट पर आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव 2025 में आज 29 लाख दीयों का प्रज्वलन कर एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया जाएगा।
इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंच रहे हैं, जहां वे गुरु वशिष्ठ की भूमिका में भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक करेंगे। संपूर्ण रामनगरी इस समय आस्था, उत्साह और प्रकाश के महापर्व में डूबी हुई है।
श्रीराम जन्मभूमि में दिव्य प्रकाश का नजारा
दीपोत्सव से पहले ही श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनियों से ऐसे सजाया गया है मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। हर ओर झिलमिलाते दीप, जयकारों की गूंज और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इस आयोजन को अलौकिक बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम
2:15 बजे: सीएम का हेलीकॉप्टर रामकथा पार्क में लैंड करेगा।
3:05 बजे: भगवान श्रीराम व माता सीता के स्वरूपों का पूजन।
5:25 बजे: सरयू के नया घाट पर महा आरती में सम्मिलित होंगे।
इसके बाद वे राजतिलक समारोह में गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभाएंगे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्री आरती और पूजन में सहभागी होंगे।
विश्व रिकॉर्ड की तैयारी
नौवें दीपोत्सव में इस बार 26 लाख 11 हजार 101 दीपक जलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए कुल 28 लाख दीपक बिछाए गए हैं। यह आयोजन अब तक के दीपोत्सवों में सबसे बड़ा है और श्रीराम के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है।
दीपोत्सव के विशेष आकर्षण
ड्रोन शो: 1100 ड्रोन से सजेगा आसमान।
लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी: पर्यावरण अनुकूल आतिशबाजी के साथ रंगीन रोशनी का संगम।
अंतर्राष्ट्रीय रामलीला: पांच देशों की रामलीलाओं का मंचन रामकथा पार्क में।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: सरयू की लहरों पर सजी मंचीय प्रस्तुतियां मन मोह लेंगी।
नैमिषारण्य भी जगमगाया
दीपोत्सव की चमक केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रही। सीतापुर के नैमिषारण्य में भी सवा लाख दीपों से महोत्सव मनाया गया। यहां की अष्टकोणीय आरती और लेजर शो आकर्षण का केंद्र बने। स्थानीय कॉलेजों ने भी रामायण झांकियों के माध्यम से आस्था का संदेश दिया।
सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम
प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और यातायात की कड़े इंतज़ाम किए हैं ताकि कोई भी इस ऐतिहासिक दीपोत्सव की भव्यता से वंचित न रहे।


