कुशीनगर: जनपद कुशीनगर में सोमवार को तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को पुलिस ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान हिरासत में लेकर उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्व विधायक एक प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम के सिलसिले में क्षेत्र में सक्रिय थे। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया, जबकि समर्थकों का दावा है कि कार्यक्रम की पूर्व सूचना संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी थी। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें घर तक ले जाकर नजरबंद कर दिया और आवास के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात कर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
हाउस अरेस्ट के दौरान अजय कुमार लल्लू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना हर जनप्रतिनिधि और नागरिक का मौलिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित से जुड़ी मांगों को द्वेषपूर्ण मानते हुए दमनकारी नीति अपना रही है।
उन्होंने कहा, “हम अपनी आवाज उठाते रहेंगे। सरकार को यह बताना होगा कि लिए गए फैसले गलत क्यों हैं और उनसे किसे लाभ पहुंचाया जा रहा है।” इस घटनाक्रम के बाद तमकुहीराज क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि संवाद के बजाय इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
हाउस अरेस्ट की यह कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है, क्या शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति नहीं होनी चाहिए? क्या प्रशासन संवाद के बजाय दमन का रास्ता अपना रहा है? फिलहाल, पूरे मामले ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है और आम जनमानस के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है।


