बुलंदशहर: शिकारपुर तहसील परिसर में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) के कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी शिकारपुर अरुण कुमार वर्मा को सौंपा गया।
धरने को संबोधित करते हुए भाकियू महाशक्ति के एनसीआर अध्यक्ष चौधरी नरेश प्रधान ने आरोप लगाया कि तहसील में लेखपालों द्वारा निजी व्यक्तियों को बैठाकर किसानों से मनमानी और अवैध वसूली कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि तहसील की कई सीटों पर प्राइवेट कर्मचारी बैठकर जनता और किसानों का शोषण कर रहे हैं, जिसे अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से आरोप लगाया गया कि लेखपाल और कानूनगो चक की पैमाइश के नाम पर किसानों से अवैध वसूली कर रहे हैं। इसके साथ ही गांव कादराबाद में एक गरीब किसान की भूमि को लगान पर खेती करने वालों के नाम दाखिल-खारिज किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों ने विद्युत विभाग पर घरेलू कनेक्शनों में सरकार द्वारा दी जा रही छूट न देने का आरोप लगाया।
इसके अतिरिक्त अनाज मंडी में “छन्ना” के नाम पर किसानों से की जा रही कथित लूट, आवारा व छुट्टा पशुओं द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। वहीं पालिका अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी पर सरकार द्वारा स्वीकृत कार्यों को समय से पूरा न कराने का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई।
धरने के दौरान एसडीएम अरुण कुमार वर्मा ने सभी मामलों की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। अधिशासी अधिकारी नीतू सिंह ने भगत सिंह चौक से बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य 15 जनवरी से शुरू कराने का भरोसा दिलाया। वहीं एसडीओ राम आशीष यादव ने किसानों को विद्युत समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने वालों में एनसीआर अध्यक्ष चौधरी नरेश प्रधान, जिलाध्यक्ष चौधरी जितेंद्र सिरोही, चंद्रवीर सिंह, डॉ. सुखपाल सिंह, सुभाष चंद्र, गौरव चौधरी, मनोज शर्मा, भूपेंद्र सिंह उर्फ बाबू, मामूं, जफरुद्दीन खान, मोनू, नरेश, रूप सिंह, रमेश, रूपेश शर्मा, धनवीर, पंकज चौधरी, कलंदर सिंह, अमित कुमार, राजपाल सिंह, इंद्र सिंह, अजयपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


