गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। जनपद गाजियाबाद के लोनी और वसुंधरा क्षेत्र की हवा दिल्ली और नोएडा से भी अधिक जहरीली दर्ज की गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में तीसरे स्थान पर रहा।

सोमवार को लोनी स्टेशन पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 442 और वसुंधरा में 412 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। एक दिन पहले लोनी में AQI 445 तथा वसुंधरा में 433 रिकॉर्ड किया गया था। बीते कई दिनों से दोनों क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर लगातार 400 के आसपास बना हुआ है, जिससे हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं।
CPCB के अनुसार, सोमवार को गाजियाबाद का औसत AQI 393 दर्ज किया गया, जो रविवार के 414 से कुछ कम जरूर है, लेकिन हवा की गुणवत्ता अब भी ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। सुबह और शाम के समय पड़ने वाले घने कोहरे और धुंध के कारण प्रदूषण का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है।
प्रदूषण बढ़ने के पीछे कूड़ा जलाना, सर्दी के मौसम में लकड़ी और कोयले का अधिक उपयोग तथा वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। इसके चलते लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं।
हालांकि प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेप (GRAP) के तहत छिड़काव और अन्य रोकथाम उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वायु गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लोनी क्षेत्र में अवैध भट्ठियों और तार जलाने जैसी गतिविधियां भी प्रदूषण बढ़ाने में भूमिका निभा रही हैं, जिन पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता जताई जा रही है।


