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  • 20/04/2026
  • Last Update 19/04/2026 9:29 pm
  • Lucknow

क्या आपके किचन में भी है एवरेस्ट मसाला? कुछ नमूनों में बैक्टीरिया मिलने का दावा, रिपोर्ट ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की चिंता

क्या आपके किचन में भी है एवरेस्ट मसाला? कुछ नमूनों में बैक्टीरिया मिलने का दावा, रिपोर्ट ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की चिंता

नई दिल्ली: भारत में मसालों के प्रमुख ब्रांडों में शामिल Everest Spices (एवरेस्ट मसाला) को लेकर हाल ही में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए खाद्य गुणवत्ता परीक्षण में कंपनी के कुछ मसाला उत्पाद तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट के अनुसार कुछ नमूनों में एंटरोबैक्टीरियासी (Enterobacteriaceae) नामक बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई है।

इस खुलासे के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई है। कई देशों की खाद्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और मसालों के नमूनों की दोबारा जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

क्या है एंटरोबैक्टीरियासी बैक्टीरिया?

एंटरोबैक्टीरियासी दरअसल बैक्टीरिया का एक बड़ा समूह है, जो सामान्यतः इंसानों और जानवरों की आंतों में पाया जाता है। इस समूह में कई प्रकार के बैक्टीरिया शामिल होते हैं, जैसे ई. कोलाई (E. coli), साल्मोनेला और क्लेबसिएला।

हालांकि, इन सभी बैक्टीरिया को खतरनाक नहीं माना जाता, लेकिन इनमें से कुछ प्रकार मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं। खाद्य पदार्थों में इनकी मौजूदगी अक्सर स्वच्छता की कमी या उत्पादन प्रक्रिया के दौरान दूषित होने का संकेत मानी जाती है।

मसालों में बैक्टीरिया कैसे पहुंचता है?

मसालों के उत्पादन की प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है। इसमें कच्चे मसालों की खेती, कटाई, सुखाने, भंडारण, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग शामिल होती है। यदि इन चरणों में कहीं भी स्वच्छता मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जाता, तो बैक्टीरिया के प्रवेश की संभावना बढ़ जाती है।

इसके अलावा नमी, धूल, गंदा पानी या अस्वच्छ उपकरण भी मसालों में बैक्टीरिया के फैलाव का कारण बन सकते हैं। चूंकि मसालों को अक्सर लंबे समय तक स्टोर किया जाता है, इसलिए यदि शुरुआत में ही उनमें बैक्टीरिया मौजूद हो, तो समय के साथ उनकी संख्या बढ़ सकती है।

स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक?

यदि एंटरोबैक्टीरियासी समूह के हानिकारक बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाएं, तो इससे फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए इसका खतरा अधिक माना जाता है।

इसपर विशेषज्ञों का कहना है कि मसालों का उपयोग आमतौर पर खाना पकाने के दौरान उच्च तापमान पर किया जाता है, जिससे कई प्रकार के बैक्टीरिया नष्ट हो सकते हैं। इसके बावजूद खाद्य उत्पादों में ऐसे बैक्टीरिया की मौजूदगी को खाद्य सुरक्षा मानकों के लिहाज से स्वीकार्य नहीं माना जाता।

कंपनी और एजेंसियों की प्रतिक्रिया

मामला सामने आने के बाद संबंधित खाद्य सुरक्षा एजेंसियां मसालों के नमूनों की दोबारा जांच कर रही हैं। वहीं Everest Spices की तरफ से कहा गया है कि कंपनी अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं उपभोक्ताओं के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए कंपनियों को उत्पादन प्रक्रिया में सख्त गुणवत्ता नियंत्रण और स्वच्छता मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है।

उपभोक्ताओं के लिए विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को हमेशा विश्वसनीय ब्रांड के उत्पाद खरीदने चाहिए और मसालों को सूखी व साफ जगह पर स्टोर करना चाहिए। इसके अलावा खाना पकाते समय सही तापमान का इस्तेमाल करने से भी खाद्य संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों को लगातार निगरानी और सख्त मानकों का पालन करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा बना रहे।

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