गोरखपुर: आगामी गोरखपुर महोत्सव के सफल और सुरक्षित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। महोत्सव से पहले जिलाधिकारी दीपक मीणा एवं डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा में चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने मंच निर्माण, दर्शक दीर्घा, प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता तथा विद्युत आपूर्ति जैसी आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जिसमें बड़ी संख्या में आमजन सहभागिता करते हैं। ऐसे में दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने पुलिस अधिकारियों को महोत्सव स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवेश द्वारों पर सघन तलाशी, पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरों की तैनाती, कंट्रोल रूम की 24 घंटे निगरानी तथा प्रभावी भीड़ प्रबंधन योजना लागू करने पर जोर दिया। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, एसपी नगर अभिनव त्यागी, एसपी अपराध सुधीर जायसवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में महिला सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित रिस्पांस टीम की तैनाती पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत और अग्निशमन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में कार्यदायी एजेंसियों से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि गोरखपुर महोत्सव का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और यादगार बनाया जा सके।


