गाजियाबाद: प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना “जल जीवन मिशन” के तहत जनपद में चल रहे कार्यों की प्रगति को लेकर गुरुवार को विकास भवन स्थित दुर्गावती सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में जनपद गाजियाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल योजना के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने की दिशा में चल रही परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता ने अवगत कराया कि जनपद के कुल 148 ग्रामों में पाइप पेयजल योजनाएं निर्मित की जानी हैं। इनमें से 128 ग्रामों की डीपीआर राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, लखनऊ द्वारा स्वीकृत की जा चुकी हैं।
मैसर्स एल.सी. इन्फ्रा टी.सी.एल. (जे.वी.) अहमदाबाद द्वारा जनपद में परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रतिनिधि ने बताया कि सभी 128 योजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें 128 नलकूप, 87 ओवरहेड टैंक, तथा 90 पंपहाउस का कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं 38 ओवरहेड टैंक का कार्य अंतिम चरण में है। अब तक 80 हजार से अधिक घरों में जल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं।
बैठक के दौरान विशेष रूप से 45 ग्रामों के कार्यों की समीक्षा की गई, जिनमें से 26 ग्रामों में कार्य पूर्ण होकर जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। शेष 19 ग्रामों में अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, किंतु कुछ छोटे-छोटे कार्य अवशेष हैं जिन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
डीडीओ प्रज्ञा श्रीवास्तव ने सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर (जल निगम ग्रामीण) को निर्देशित किया कि ग्राम प्रधानों व सचिवों के साथ मिलकर कार्यों का भौतिक सत्यापन करें और 7 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि धनराशि की उपलब्धता होते ही अवशेष ग्रामों के कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए ताकि मार्च 2026 तक सभी ग्रामों में शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके।
बैठक में अधिशासी अभियंता भारत भूषण, खंड विकास अधिकारी रजापुर और लोनी, विभिन्न ग्रामों के ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, फर्म के प्रोजेक्ट मैनेजर, DPMU टीम एवं TPI टीम के सदस्य उपस्थित रहे।


