महराजगंज: बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरी दिनचर्या के बीच छोटे बच्चों की सही परवरिश आज अभिभावकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। इसी आवश्यकता को समझते हुए आर्यांस एजुकेशन पॉइंट प्लेवे स्कूल ने प्लेवे आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से मासूम बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत पहल शुरू की है।
संस्थान का उद्घाटन वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन कुमार मौर्य ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन का प्रारंभिक चरण सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि इस उम्र में उन्हें संस्कार, अनुशासन और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए, तो उनका व्यक्तित्व संतुलित, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार बनता है।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज के दौर में अधिकांश अभिभावक अपनी व्यस्तताओं के कारण बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते, जिससे बच्चे मोबाइल और स्क्रीन की ओर अधिक आकर्षित हो जाते हैं। यह प्रवृत्ति उनके मानसिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में प्लेवे स्कूल बच्चों को सही दिशा देने का प्रभावी माध्यम बनते हैं।
आर्यांस एजुकेशन पॉइंट में बच्चों के लिए सुरक्षित, आनंदमय और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। यहां शिक्षा को बोझ नहीं, बल्कि आनंद का अनुभव बनाया गया है। खेल, रंग, कहानियां, गीत और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए बच्चों में सीखने की स्वाभाविक रुचि विकसित की जाती है। समूह गतिविधियों से उनमें सहयोग, अनुशासन और सामाजिक व्यवहार के गुण पनपते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
अभिभावकों का कहना है कि इस तरह के प्लेवे स्कूल आज समय की जरूरत बन चुके हैं, जहां बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी मिलते हैं। यह संस्कार आगे चलकर उन्हें एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने में मदद करते हैं।
स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को मोबाइल की आदत से दूर रखें और उन्हें शिक्षा व संस्कारों की सही राह पर आगे बढ़ाने के लिए आर्यांस एजुकेशन पॉइंट में नामांकन कराएं। यह पहल न केवल बच्चों के भविष्य को संवारने में सहायक होगी, बल्कि समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत करेगी।


