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  • July 15, 2026
  • Last Update July 14, 2026 10:20 PM
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शीतलहर में लापरवाही पड़ेगी भारी, हार्ट-किडनी मरीज रहें सतर्क, जानिए विशेषज्ञों की हेल्थ अपडेट

शीतलहर में लापरवाही पड़ेगी भारी, हार्ट-किडनी मरीज रहें सतर्क, जानिए विशेषज्ञों की हेल्थ अपडेट

नई दिल्ली: मौसम विभाग द्वारा शीतलहर यानि कोल्ड वेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कड़ाके की ठंड केवल ठिठुरन और सर्दी-खांसी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों को भी जन्म दे सकती है। खासतौर पर दिल, फेफड़े, डायबिटीज और किडनी से पीड़ित मरीजों के लिए ठंड का मौसम जानलेवा साबित हो सकता है। बच्चे और बुजुर्ग कोल्ड वेव की चपेट में सबसे पहले आते हैं, इसलिए इन वर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने शीतलहर के दौरान स्वास्थ्य को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे पहले से मौजूद बीमारियां और अधिक गंभीर रूप ले सकती हैं। खासकर हृदय रोगियों में इस मौसम में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

क्या बोले कार्डियोलॉजिस्ट?

एम्स के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव नारंग के अनुसार ठंड के मौसम में शरीर की रक्त नलियां सिकुड़ जाती हैं। इससे रक्त प्रवाह पर असर पड़ता है और ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है। उच्च रक्तचाप की यह स्थिति दिल के दौरे का कारण बन सकती है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सीने में जकड़न, सांस लेने में दिक्कत, अचानक अत्यधिक थकान महसूस होना या पैरों में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे संकेत गंभीर हृदय समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।

खानपान पर विशेष ध्यान

विशेषज्ञों ने खानपान को लेकर भी सख्त हिदायत दी है। ठंड के दिनों में नमक का अधिक सेवन खतरनाक हो सकता है। अचार, पापड़, चिप्स और अन्य प्रोसेस्ड फूड में मौजूद अधिक मात्रा में नमक ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ा सकता है। इसके अलावा, सर्दी के कारण लोग पानी कम पीते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक है। कम पानी पीने से खून गाढ़ा हो जाता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीना उतना ही जरूरी है, जितना गर्मी में।

जानिए टहलने का सही समय

कोल्ड वेव के दौरान बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बहुत से बुजुर्ग सुबह जल्दी टहलने निकल जाते हैं, जब तापमान बेहद कम होता है। डॉक्टरों के अनुसार यह आदत नुकसानदायक हो सकती है। धूप निकलने के बाद ही घर से बाहर निकलना सुरक्षित रहता है। एम्स विशेषज्ञों की मानें तो दोपहर में, लंच से पहले हल्की वॉक सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। यदि प्रदूषण का स्तर अधिक हो, तो बाहर टहलने से बचना चाहिए और घर के अंदर ही हल्का व्यायाम करना बेहतर होता है।

डायबिटीज और किडनी मरीजों के लिए भी ठंड का मौसम चुनौतीपूर्ण होता है। ठंड में शारीरिक गतिविधि कम होने से ब्लड शुगर का स्तर असंतुलित हो सकता है। वहीं, किडनी मरीजों में पानी की कमी और ब्लड प्रेशर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए इन मरीजों को नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है।

एम्स के चिकित्सकों ने यह भी स्पष्ट किया कि बीपी, शुगर और अन्य नियमित दवाइयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। बिना डॉक्टर की सलाह दवा छोड़ना या खुराक बदलना गंभीर परिणाम दे सकता है। कोल्ड वेव के दौरान सावधानी, संतुलित आहार और नियमित दवाइयों का सेवन ही स्वस्थ रहने का सबसे बड़ा उपाय है। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, शरीर को ढककर रखें और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

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