महराजगंज: नौतनवा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेखुआनी में मनरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यों में भारी अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। सरकारी रिकॉर्ड और एनएमएमएस पोर्टल पर जहां दर्जनों मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दिखाई जा रही है, वहीं धरातल पर कार्यस्थल पूरी तरह सुनसान मिला। इस खुलासे के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठने लगी है।

मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत सेखुआनी में अशोक सिंह के खेत के समीप मनरेगा योजना के अंतर्गत पोखरी खुदाई का कार्य स्वीकृत किया गया है। इस कार्य के लिए मस्टरोल संख्या 264 से 271, 301, 302, 349 और 367 जारी किए गए हैं। सरकारी अभिलेखों और एनएमएमएस पोर्टल पर कुल 65 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की गई है।
जब कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति जानने के लिए लगातार दो दिनों तक मौके का निरीक्षण किया गया तो तस्वीर चौंकाने वाली मिली। बुधवार सुबह 9 बजकर 24 मिनट से लेकर पूर्वाह्न 11 बजे तक कार्यस्थल पर एक भी मजदूर काम करता नहीं मिला। इसके बाद गुरुवार को भी सुबह 8 बजकर 37 मिनट से दोपहर 11 बजकर 42 मिनट तक तथा शाम 5 बजकर 56 मिनट पर दोबारा निरीक्षण किया गया, लेकिन पूरे इलाके में कोई श्रमिक मौजूद नहीं था। पोखरी स्थल और उसके आसपास का क्षेत्र पूरी तरह वीरान दिखाई दिया।
सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जब तय कार्य अवधि में मौके पर कोई श्रमिक मौजूद ही नहीं था, तो आखिर 65 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी किस आधार पर दर्ज की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना कार्य कराए सरकारी धन निकालने के लिए फर्जी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। लोगों का कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना में इस तरह की धांधली से जरूरतमंद मजदूरों का हक छीना जा रहा है।


