गाजियाबाद: लोनी नगरपालिका क्षेत्र के राम पार्क एक्सटेंशन और पूजा कॉलोनी में रिहायशी इलाकों के बीच अवैध रूप से संचालित फैक्ट्रियां स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। इन कॉलोनियों में गारमेंट्स सिलाई यूनिट, गत्ते के कोरोगेटिड बॉक्स बनाने की फैक्ट्रियां और फोम के गद्दे तैयार करने वाली इकाइयां बिना किसी वैध लाइसेंस के धड़ल्ले से चल रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इन फैक्ट्रियों के पास न तो अग्निशमन विभाग की एनओसी है और न ही श्रम विभाग से कोई अनुमति। इसके बावजूद संबंधित विभागों की मिलीभगत से यह सभी इकाइयां वर्षों से संचालित हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि कभी आग जैसी कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो उसका दायरा केवल फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के सैकड़ों घरों और परिवारों की जान-माल को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।
इतना ही नहीं, क्षेत्र में डाइंग यूनिट, जींस रंगाई और अन्य प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियां भी रिहायशी इलाकों में चल रही हैं। इन फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला पानी नालियों और जमीन के माध्यम से पर्यावरण को गंभीर रूप से प्रदूषित कर रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस और अन्य जिम्मेदार विभागों द्वारा कथित रूप से ‘सुरक्षा टैक्स’ लिया जाता है, जिसके कारण किसी भी प्रस्तावित कार्रवाई से पहले ही फैक्ट्री संचालकों को सूचना मिल जाती है और वे सतर्क हो जाते हैं। इसी वजह से आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में है? क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल जांच कर अवैध फैक्ट्रियों को बंद कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


