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  • 02/03/2026
  • Last Update 01/03/2026 8:01 pm
  • Lucknow

जेल से बाहर आते ही पिंकी चौधरी का शक्ति प्रदर्शन, समर्थकों के काफिले से गाजियाबाद की सड़कें जाम

जेल से बाहर आते ही पिंकी चौधरी का शक्ति प्रदर्शन, समर्थकों के काफिले से गाजियाबाद की सड़कें जाम

गाजियाबाद: विवादों में रहे हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी और उनके बेटे दक्ष गुरुवार को जेल से रिहा हो गए। रिहाई की खबर मिलते ही जिला जेल के बाहर सुबह से ही समर्थकों की भीड़ जुटने लगी। जैसे ही दोनों जेल से बाहर निकले, समर्थकों ने उन्हें घेर लिया, फूल-मालाएं पहनाईं, मिठाइयां बांटीं और जमकर नारेबाजी की। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी।

हिंदू रक्षा दल से जुड़े कार्यकर्ताओं के अनुसार, पिंकी चौधरी और उनके बेटे को बुधवार को ही कोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन जेल में परवाना देर से पहुंचने के कारण उनकी रिहाई गुरुवार सुबह हो सकी। रिहाई के बाद समर्थकों ने कानून और यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी की। जेल से निकलते ही गाड़ियों का लंबा काफिला शहर की सड़कों पर निकल पड़ा।

कई समर्थक कारों की खिड़कियों से बाहर लटककर नारेबाजी करते दिखे, वहीं हॉर्न बजाते हुए आतिशबाजी भी की गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

गौरतलब है कि बीते वर्ष 29 दिसंबर को शालीमार गार्डन इलाके में पिंकी चौधरी और उनके समर्थकों द्वारा सड़क पर स्टॉल लगाकर तथा घर-घर जाकर तलवारें बांटने का मामला सामने आया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हिंदू रक्षा दल के 10 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था और उनके पास से बड़ी संख्या में तलवारें बरामद की थीं। उस दौरान पिंकी चौधरी अपने बेटे के साथ फरार हो गया था।

फरारी के दौरान पिंकी चौधरी ने सोशल मीडिया पर दो वीडियो जारी कर तलवार वितरण को “हिंदुओं की रक्षा के लिए जरूरी कदम” बताया था और अपने साथियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दी थी। पुलिस ने पिछले सप्ताह वजीराबाद इलाके से पिंकी चौधरी और उसके बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसी मामले में दोनों की अब रिहाई हुई है।

रिहाई के बाद निकले इस काफिले और शक्ति प्रदर्शन ने पुलिस की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम नागरिकों को भी जाम और अव्यवस्था के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन के सामने अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती और बढ़ गई है।

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