गाजियाबाद: ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में ऑटो चालक की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने इंसानी रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस महताब को उसके दोस्त घर से बुलाकर ले गए थे, उसी की जान उन्हीं हाथों से ले ली गई। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

घर से बुलाकर रच दी हत्या की साजिश
पूजा कॉलोनी, मंगल बाजार निवासी रूबीना ने 22 जनवरी को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति महताब को उसके दोस्त नीरज और हर्षित 18 जनवरी की रात घर से बुलाकर ले गए थे। इसके बाद से महताब लापता था। शक के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी को हत्या में तब्दील करते हुए जांच तेज की।
चलती ऑटो में विवाद बना मौत की वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तीनों बैटरी ऑटो से घूम रहे थे। इसी दौरान नीरज ने महताब से आपत्तिजनक शारीरिक संबंध बनाने की बात कही, जिस पर दोनों के बीच तीखा विवाद हो गया। गुस्से में नीरज ने महताब को चलती ऑटो से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आ गई।
डर के चलते मफलर से गला दबाया
ऑटो रोककर जब दोनों आरोपियों ने महताब की हालत देखी तो वह गंभीर रूप से घायल था। पकड़े जाने के डर से नीरज और हर्षित ने मिलकर महताब के गले में पड़े मफलर से उसका गला दबा दिया। कुछ ही देर में महताब की मौके पर ही मौत हो गई।
दिल्ली में फेंका शव
हत्या के बाद दोनों आरोपी शव को यमुना में फेंकने के इरादे से दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पहुंचे, लेकिन ट्रैफिक अधिक होने के कारण योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के तिमारपुर इलाके में सड़क किनारे शव फेंक दिया और फरार हो गए।
सीसीटीवी और सर्विलांस से टूटी साजिश
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय सूत्रों की मदद से आरोपियों की पहचान की और 23 जनवरी को आवास विकास क्षेत्र के पास से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बैटरी ऑटो और मफलर भी बरामद कर लिया गया है।
पत्नी की शिकायत से खुला मामला
महताब की पत्नी रूबीना की सतर्कता और लगातार दबाव के चलते पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया, जिससे यह हत्याकांड सुलझाया जा सका। पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्य मजबूत हैं और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।


