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  • June 11, 2026
  • Last Update June 10, 2026 11:53 AM
  • Lucknow

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा का विरोध: गाजियाबाद में विहिप-बजरंग दल का विरोध प्रदर्शन, फूंका गया मोहम्मद यूनुस का पुतला

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा का विरोध: गाजियाबाद में विहिप-बजरंग दल का विरोध प्रदर्शन, फूंका गया मोहम्मद यूनुस का पुतला

गाजियाबाद: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचार और हिंसक घटनाओं के विरोध में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) एवं बजरंग दल, जिला गाजियाबाद ग्रामीण के कार्यकर्ताओं ने लोनी तिराहा पर जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस का पुतला दहन कर विरोध जताया और हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विहिप-बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में राजेश्वरी नंद सरस्वती महाराज (अग्नि अखाड़ा), अजय शर्मा (जिला मंत्री, विहिप), धनलाल द्विवेदी (जिला उपाध्यक्ष), हरदीप सिंह (जिला धर्म प्रसार प्रमुख) सहित अमित, दीपक, राजेश, अंकित नागर, सोनू, रविंद्र, मुकेश, अजित, अभिषेक, विपिन समेत जिला, प्रखंड व खंड स्तर के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा का आरोप

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अजय शर्मा ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद इस्लामी जिहादी गतिविधियों में लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय के लोगों पर हमले, उत्पीड़न और हिंसा की घटनाएं निरंतर सामने आ रही हैं, लेकिन वहां का प्रशासन इन्हें रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।

उन्होंने हाल ही में मेमनसिंह जिले के भालुका क्षेत्र में हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला पूरी मानवता को शर्मसार करने वाला है।

ईशनिंदा के झूठे आरोप में हत्या का दावा
राजेश्वरी नंद सरस्वती महाराज ने कहा कि एक सामान्य हिंदू श्रमिक दीपू दास पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाया गया। उन्होंने बताया कि दीपू दास ने एक सामान्य बातचीत के दौरान ईश्वर के एक होने और उसके विभिन्न नाम होने की बात कही थी, जिसका कुरान, इस्लाम या अल्लाह से कोई संबंध नहीं था। इसके बावजूद, इस बयान को तोड़-मरोड़ कर ईशनिंदा का रूप दिया गया।

आरोप है कि इसके बाद उग्र भीड़ ने दीपू दास के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। वक्ताओं के अनुसार, भय का माहौल बनाने के उद्देश्य से मृतक के शव को पेड़ से लटका कर जलाया गया और इस पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए।

प्रशासनिक निष्क्रियता पर सवाल

जिला धर्म प्रसार प्रमुख हरदीप सिंह ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हुई, लेकिन उसे रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का प्रशासन और समाज कथित रूप से हिंसक और बर्बर तत्वों की गतिविधियों पर मौन साधे हुए है, जिससे ऐसे तत्वों का मनोबल बढ़ रहा है।

कड़ी कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन के अंत में विहिप-बजरंग दल ने बांग्लादेश सरकार से मांग की कि

• हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा को तत्काल रोका जाए।

• दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें कड़ी सजा दी जाए।

• बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के लिए भय और शोषण-मुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाए।

कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक नहीं लगी, तो देशभर में विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।

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