गाजियाबाद: शहर में हाउस टैक्स में की गई भारी बढ़ोतरी के खिलाफ अब जनआक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। गृह कर पीड़ित संघर्ष समिति के नेतृत्व में व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से सौंपा।

ज्ञापन में समिति ने मांग की है कि गाजियाबाद में बढ़ाए गए हाउस टैक्स को तीन कार्य दिवस के भीतर तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। उनका कहना है कि बढ़ा हुआ टैक्स आम नागरिकों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इस विरोध में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, राष्ट्रीय व्यापार मंडल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, संयुक्त व्यापार मंडल, कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन, साहिबाबाद व्यापार मंडल, इंडस्ट्रियल कमर्शियल वेलफेयर एसोसिएशन, टीम 100 सहित कई प्रमुख संगठनों ने भाग लिया। इसके अलावा कविनगर, प्रताप विहार, लाइन पार, गुलमोहर और अन्य क्षेत्रों की आरडब्ल्यूए, अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन, बिल्डर एसोसिएशन और किसान संगठनों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस निर्णय से शहर में भारी नाराज़गी है। उनका आरोप है कि पिछले करीब 10 महीनों से हाउस टैक्स को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है और पुरानी दरों पर टैक्स जमा नहीं हो पा रहा, जबकि कई बार आश्वासन दिए जा चुके हैं।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम की नीतियों से सरकार की छवि को नुकसान पहुंच रहा है और जनता का विश्वास डगमगा रहा है।
प्रदर्शन में तिलकराज अरोड़ा, बालकृष्ण गुप्ता, नरेंद्र गुप्ता नंदी, प्रीतम लाल, ओम दत्त गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता, राजीव अग्रवाल, अजय जैन, मास्टर वीरेश सिंह, पंडित अशोक भारतीय, अमित गोयल, विनीत चौधरी, धीरेंद्र यादव बिल्लू, पुनीत शर्मा, राकेश गुप्ता सहित सैकड़ों पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।


