गाजियाबाद: राजनगर एक्सटेंशन से सामने आई यह घटना न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि रिश्तों और भरोसे को झकझोर देने वाली भी है। नंदग्राम थाना क्षेत्र की औरा चिमेरा सोसायटी में 47 वर्षीय मकान मालकिन दीपशिखा शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उनका शव एक बड़े लाल सूटकेस में बंद मिला, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मिली जानकारी के मुताबिक दीपशिखा शर्मा के पास इसी सोसायटी में दो फ्लैट थे। वह एक फ्लैट में स्वयं रहती थीं, जबकि दूसरा फ्लैट किराए पर दिया हुआ था। मंगलवार सुबह वह किरायेदारों से कई महीनों से बकाया किराया वसूलने के लिए दूसरे फ्लैट पर गई थीं, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटीं। फोन भी बंद मिलने पर परिजनों को चिंता हुई।
दीपशिखा के लंबे समय तक वापस न लौटने पर घरेलू सहायिका को संदेह हुआ। तलाश के दौरान अपार्टमेंट के भीतर एक सूटकेस से दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सूटकेस खोला तो उसमें दीपशिखा का शव मिला।
एसीपी उपासना पांडे ने बताया कि जांच में किरायेदार अजय गुप्ता और आकृति गुप्ता संदिग्ध पाए गए हैं, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किरायेदार 5–6 महीनों से किराया नहीं दे रहे थे। 17 दिसंबर को किराया मांगने पर विवाद बढ़ा और गला दबाकर हत्या कर शव को छिपा दिया गया।


