गाजियाबाद: लक्ष्मी गार्डन बस्ती, लोनी रोड पर आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में हिन्दू समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का प्रभावशाली दृश्य देखने को मिला। इस भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष एवं बच्चों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। सम्मेलन की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें सरस्वती शिशु मंदिर एवं रेनबो स्कूल के विद्यार्थियों ने देशभक्ति और संस्कृति से ओत-प्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

मंच पर महामंडलेश्वर अजब दास, संत शमशेर पूरी, साध्वी हरिहर आश्रम एवं महामंडलेश्वर त्रिलोचन दास सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। संतों ने अपने संबोधन में धर्म और संस्कृति की रक्षा को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति की पहचान करनी चाहिए और गंगा, गायत्री, गौ-सेवा, देवालय, तिलक, जनेऊ और शास्त्रों का महत्व समझना चाहिए। साथ ही धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने, बुजुर्गों के साथ संवाद बनाए रखने तथा नशा और मांसाहार से दूर रहने की अपील की गई।
महामंडलेश्वर त्रिलोचन दास ने समाज को लव जिहाद, धर्मांतरण जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया। उन्होंने अपने क्षेत्र में नाम बदलकर व्यापार करने वालों के बहिष्कार तथा समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्ग की सहायता करने पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर प्रांत कार्यवाह शिव कुमार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों के इतिहास का उल्लेख करते हुए समाज में पंच परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवा ध्वज और तिरंगा हमारी पहचान हैं और प्रत्येक हिन्दू को आदर्श नागरिक बनकर राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।
भाग कार्यवाह संजीव हिंदुस्तानी ने वर्ष 2026 को ऐतिहासिक बताते हुए संघ शताब्दी, वंदेमातरम् के 150 वर्ष और अन्य महापुरुषों की महत्वपूर्ण जयंती-वर्षों की जानकारी दी। महाशिवरात्रि पर हर घर के बाहर 11 दीपक जलाने का भी संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती हुई। आयोजन समिति द्वारा भोजन, पेयजल और शौचालय की उत्तम व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और पत्रकारों की उपस्थिति में यह सम्मेलन अनुशासन, सेवा और हिन्दू एकता की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आया।


