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  • 02/03/2026
  • Last Update 01/03/2026 8:01 pm
  • Lucknow

डिजिटल इंडिया पर खतरा: मोबाइल मैलवेयर हमलों में भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा निशाना, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

डिजिटल इंडिया पर खतरा: मोबाइल मैलवेयर हमलों में भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा निशाना, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

नई दिल्ली: भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन इस प्रगति के साथ साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरे भी उतनी ही तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर सुरक्षा कंपनी जस्केलर (Zscaler) की ThreatLabz 2025 रिपोर्ट ने इस गंभीर स्थिति की ओर इशारा किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल मैलवेयर हमलों के मामले में भारत दुनिया का सबसे अधिक लक्षित देश बन गया है। वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल मोबाइल मैलवेयर हमलों में भारत की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो किसी भी देश में सबसे अधिक है।

मोबाइल के बढ़ते उपयोग से बढ़ा खतरा

भारत में स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग, ई-कॉमर्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित उपकरणों का इस्तेमाल भी आम हो गया है। स्मार्ट टीवी, स्मार्ट मीटर, कनेक्टेड कैमरे और अन्य IoT डिवाइस अब घरों और उद्योगों का हिस्सा बन चुके हैं।

जस्केलर की रिपोर्ट के मुताबिक, यही बढ़ती डिजिटल निर्भरता साइबर अपराधियों के लिए नए-नए अवसर पैदा कर रही है, खासकर भारत जैसे तेजी से डिजिटलीकरण वाले देशों में।

अमेरिका और कनाडा से आगे भारत

ThreatLabz 2025 रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल मैलवेयर हमलों में भारत 26 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर है। अमेरिका 15 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर जबकि कनाडा 14 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि साइबर हमलावर अब उभरते बाजारों को प्राथमिक लक्ष्य बना रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में नए इंटरनेट और मोबाइल उपयोगकर्ता जुड़ रहे हैं।

मोबाइल खतरों में 38 प्रतिशत की वृद्धि

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में मोबाइल साइबर खतरों में पिछले वर्ष की तुलना में 38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण रोजमर्रा की जिंदगी में मोबाइल ऐप्स पर बढ़ती निर्भरता, डिजिटल भुगतान का व्यापक इस्तेमाल और सुरक्षा जागरूकता की कमी मानी जा रही है। साइबर अपराधी अब केवल व्यक्तिगत यूजर्स को ही नहीं, बल्कि संगठनों और व्यावसायिक नेटवर्क को भी निशाना बना रहे हैं।

एंड्रॉयड मैलवेयर सबसे बड़ा खतरा

रिपोर्ट में एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म को लेकर विशेष चिंता जताई गई है। आंकड़ों के अनुसार, एंड्रॉयड मैलवेयर गतिविधियों में साल-दर-साल 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इनमें स्पाइवेयर और बैंकिंग मैलवेयर सबसे खतरनाक श्रेणी में शामिल हैं। स्पाइवेयर यूजर्स की निजी जानकारी, कॉल डिटेल्स और लोकेशन डेटा चुरा सकते हैं, जबकि बैंकिंग मैलवेयर सीधे वित्तीय नुकसान पहुंचाने का माध्यम बन रहे हैं।

कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित?

जस्केलर की रिपोर्ट के अनुसार, साइबर हमलों का सबसे अधिक असर खुदरा और थोक व्यापार क्षेत्र पर पड़ा है, जो कुल हमलों का 38 प्रतिशत हिस्सा है। इसके बाद होटल, रेस्तरां और मनोरंजन उद्योग 31 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा विनिर्माण और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा क्षेत्र भी साइबर हमलों से प्रभावित हुए हैं।
IoT खतरों की बात करें तो भारत 5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर है, जो भविष्य के लिए गंभीर एक चेतावनी मानी जा रही है।

गूगल प्ले स्टोर तक पहुंचे खतरनाक ऐप्स

रिपोर्ट की सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब साइबर अपराधी भरोसेमंद ऐप स्टोर्स में भी सेंध लगाने में सफल हो रहे हैं। जस्केलर के शोधकर्ताओं ने गूगल प्ले स्टोर पर होस्ट किए गए 239 दुर्भावनापूर्ण एंड्रॉयड ऐप्स की पहचान की है, जिन्हें कुल मिलाकर 4.2 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका था।

ये ऐप्स अक्सर खुद को उत्पादकता, फाइल मैनेजमेंट या वर्कफ्लो टूल के रूप में पेश करते हैं, जिससे आम यूजर्स आसानी से इनके झांसे में आ जाते हैं।

डिजिटल सुरक्षा को लेकर बढ़ती चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में डिजिटल क्रांति के साथ-साथ साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता और नीतिगत मजबूती बेहद जरूरी है। मजबूत साइबर कानून, नियमित सुरक्षा अपडेट, ऐप डाउनलोड से पहले सतर्कता और संस्थानों में साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण अब समय की मांग बन चुके हैं।

सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव

जस्केलर की रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि मोबाइल और IoT आधारित डिवाइस से भविष्य में साइबर खतरे और बढ़ सकते हैं। ऐसे में व्यक्तिगत यूजर्स से लेकर बड़े संगठनों तक, सभी को साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। मजबूत सुरक्षा उपाय, भरोसेमंद ऐप्स का चयन और डिजिटल व्यवहार में सावधानी ही इन बढ़ते खतरों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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