गाजियाबाद: लोनी क्षेत्र के यमुना खादर में लंबे समय से चल रहे अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। लगातार मिल रही शिकायतों और स्थानीय लोगों की नाराजगी को देखते हुए प्रशासन ने तड़के सुबह करीब छह बजे अचानक छापेमारी कर खनन माफियाओं में हड़कंप मचा दिया।
एसडीएम के नेतृत्व में पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने यमुना खादर इलाके में एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मौके पर रेत से भरे कई ट्रैक्टर-ट्रॉली पाए गए, जो बिना किसी वैध अनुमति के खनन में लगे हुए थे। टीम ने तत्परता दिखाते हुए कई वाहनों को जब्त कर लिया। छापेमारी की सूचना मिलते ही खनन से जुड़े कुछ लोग मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यमुना खादर क्षेत्र में अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा था, बल्कि इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह, भू-क्षरण और पर्यावरण संतुलन पर भी गंभीर खतरा पैदा हो रहा था। अवैध खनन के कारण आसपास के गांवों में जलस्तर प्रभावित होने और बाढ़ के खतरे की आशंका भी बनी रहती है।
अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि यमुना खादर में बिना अनुमति किसी भी प्रकार का खनन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ खनन अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं में कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगे भी नियमित रूप से ऐसे छापेमारी अभियान चलाए जाएंगे।
फिलहाल जब्त किए गए वाहनों के कागजातों की गहन जांच की जा रही है। साथ ही फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन में संलिप्त लोगों में खौफ का माहौल है।


