गाजियाबाद: दिल्ली से सटे लोनी क्षेत्र में बीते 24 घंटे कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। एक तरफ अंकुर विहार क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक ऑटो चालक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई, तो दूसरी ओर लोनी बॉर्डर और ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस ने अवैध हथियार और वाहन चोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एक ही दिन में सामने आए हत्या, तमंचा बरामदगी और चोरी की बाइक के तीन अलग-अलग मामलों ने यह साफ कर दिया है कि लोनी क्षेत्र में अपराध का स्वरूप लगातार जटिल होता जा रहा है। पुलिस के लिए यह दिन अपराध पर नियंत्रण और जनता के भरोसे की परीक्षा दोनों बन गया।
सबसे सनसनीखेज घटना अंकुर विहार थाना क्षेत्र की विजय विहार कॉलोनी में सामने आई, जहां ऑटो चालक आफताब की पुरानी रंजिश के चलते हत्या कर दी गई। बताया गया कि हमलावरों ने आफताब पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।
स्थानीय लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और आरोपियों की तलाश में कई टीमें लगा दी गईं। पुलिस पुरानी रंजिश के एंगल पर जांच कर रही है और फरार हमलावरों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
इसी दिन लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत कार्रवाई करते हुए राजनगर कॉलोनी क्षेत्र से सन्नी नामक एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार उसके कब्जे से 315 बोर का एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए। आरोपी पर पहले से लूट के कई मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।
दिल्ली सीमा से सटे होने के कारण लोनी बॉर्डर क्षेत्र हमेशा से अपराधियों की गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे में अवैध हथियार के साथ हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी तक हथियार कहां से पहुंचा और उसके पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा है।
उधर ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान दो शातिर वाहन चोरों अमन उर्फ अरमान और अमन को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से दिल्ली से चोरी की गई एक बाइक बरामद की है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अरमान पर अकेले वाहन चोरी के आठ मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। ट्रोनिका सिटी क्षेत्र के औद्योगिक स्वरूप और बाहरी आवाजाही के चलते चोरी के वाहनों को खपाना यहां अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। ऐसे में इस गिरफ्तारी को वाहन चोरी के नेटवर्क के खिलाफ अहम कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
इन घटनाओं के बीच बुधवार को लोनी क्षेत्र के सभी थानों में ‘वादी संवाद दिवस’ भी आयोजित किया गया। इस दौरान हत्या, लूट, चोरी और अन्य मामलों के वादियों को थाने बुलाकर उनके केस की प्रगति, गिरफ्तारी और चार्जशीट की स्थिति की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मकसद पीड़ितों का भरोसा मजबूत करना और पुलिस-जन संवाद को बेहतर बनाना है।
एक ही दिन में हत्या, अवैध हथियार और वाहन चोरी के मामलों का सामने आना यह संकेत देता है कि लोनी में अपराध अब केवल स्थानीय झगड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमा-पार नेटवर्क, हथियारों की उपलब्धता और संगठित वाहन चोरी जैसे बड़े स्वरूप भी ले रहा है। ऐसे में पुलिस के सामने चुनौती केवल अपराधियों को पकड़ने की नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ने की है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और इन मामलों में होने वाली गिरफ्तारी पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।


