रामपुर: शाहाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत पैगंपुरा में तैनात रोजगार सेवक मोहम्मद इकबाल के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध बढ़ता नजर आ रहा है। गांव निवासी महेन्द्र पाल ने ग्राम पंचायत सचिव को शिकायती ज्ञापन सौंपते हुए रोजगार सेवक को पद से हटाने की मांग की है। शिकायत में विकास कार्यों में अनियमितता, मनरेगा योजनाओं में कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता की अनदेखी की गई। विशेष रूप से सीसी रोड निर्माण कार्य में कथित खामियां सामने आने के बाद मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गई थी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में असंतोष बना हुआ है।
महेन्द्र पाल द्वारा दिए गए ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित रोजगार सेवक के खिलाफ पूर्व में दर्ज एक मामले में अदालत द्वारा दोषसिद्धि की गई है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, रामपुर की अदालत ने मोहम्मद इकबाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504, 506 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(द) के तहत दोषी ठहराया है।
ग्रामीण ने पंचायत सचिव से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।


