महाराष्ट्र (मुंबई): भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की प्रमुख फिनटेक कंपनी PhonePe पर ₹21 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) से जुड़े नियामकीय दिशानिर्देशों का पालन न करने के कारण की गई है।
आरबीआई की अक्टूबर 2023 से दिसंबर 2024 के बीच की गई वैधानिक समीक्षा में पाया गया कि कई मौकों पर फोन पे के एस्क्रो खाते का बैलेंस, जारी किए गए PPI और व्यापारियों को देय भुगतानों से कम था। नियमों के अनुसार, नॉन-बैंक PPI जारीकर्ता को सुनिश्चित करना होता है कि दिन के अंत में एस्क्रो बैलेंस हमेशा उपभोक्ताओं और व्यापारियों को देय रकम के बराबर या उससे अधिक हो। कमी आने पर इसकी तत्काल सूचना RBI को देना अनिवार्य है, जो फोन पे ने नहीं किया।
निरीक्षण के बाद आरबीआई ने कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। हालांकि फोन पे ने अपना पक्ष रखा, लेकिन केंद्रीय बैंक ने उसे संतोषजनक नहीं माना और नियामकीय खामियों की पुष्टि के बाद जुर्माना लगाया। RBI ने स्पष्ट किया है कि यह दंड केवल अनुपालन संबंधी चूक पर आधारित है और इसका ग्राहकों के लेनदेन या समझौतों की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं होगा।
यह पहला मौका नहीं है जब फोन पे पर जुर्माना लगा हो। इसके पहले फोन पे पर वर्ष 2019 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश नियमों के उल्लंघन पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था। उसके बाद वर्ष 2020 में भी फोन पे को गाइडलाइंस उल्लंघन पर ₹1.39 करोड़ का दंड देना पड़ा था। इस तरह अब तक कंपनी पर कुल मिलाकर ₹3.6 करोड़ से अधिक के जुर्माने लग चुके हैं।
बेंगलुरु स्थित PhonePe देश का एक बड़ा डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म है, जो UPI सेवाओं, बिल पेमेंट, मनी ट्रांसफर, इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड और गोल्ड इन्वेस्टमेंट जैसी सेवाएं प्रदान करता है। हाल ही में कंपनी ने अपना ऑनलाइन स्टोर “Pincode” भी लॉन्च किया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह ताजा कार्रवाई इस बात का संकेत है कि फिनटेक कंपनियों को तकनीक के साथ-साथ नियामकीय पारदर्शिता और अनुपालन पर भी पूरा ध्यान देना होगा। भरोसे और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अब Compliance फिनटेक सेक्टर की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक बन चुका है।


