महराजगंज: पनियरा ब्लॉक मुख्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। कोर्ट के आदेश के बाद अब यहां फिर से बुलडोजर चलने की तैयारी है। अदालत अमीन अरविन्द कुमार मिश्रा ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) पनियरा को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया है कि वे 12 नवम्बर 2025 तक कार्यालय परिसर में रखे सभी अभिलेख और अन्य सामग्री हटा लें।
दरअसल, यह मामला नरेंद्र सिंह बनाम खंड विकास अधिकारी पनियरा से जुड़ा है, जो वर्ष 1987 से अदालत में लंबित था। दीवानी न्यायालय गोरखपुर ने 30 जनवरी 1991 को फैसला सुनाते हुए विवादित भूमि पर से अवैध कब्जा हटाकर वादी को कब्जा दिलाने का आदेश दिया था। आदेश के अनुपालन के लिए सिविल जज (अवर) कोर्ट संख्या–02 महराजगंज में निष्पादन वाद संख्या 06/2022 दाखिल किया गया।
कोर्ट के आदेश के अनुसार, मौजा बसडिला, तप्पा-बांकी, परगना हवेली स्थित भूमि खंड संख्या 788 ख (0.2551 हेक्टेयर) और 789 क (0.138 हेक्टेयर) पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया 7 नवम्बर 2025 को शुरू की गई थी। लेकिन उस दौरान मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर और नायब तहसीलदार ने कार्रवाई रोक दी थी।
अब अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि 13 से 15 नवम्बर 2025 के बीच पुनः कब्जा दिलाने की कार्यवाही की जाएगी। अमीन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय तक अभिलेख और सामग्री नहीं हटाई गई तो कार्यवाही के दौरान होने वाली किसी भी क्षति के लिए न्यायालय जिम्मेदार नहीं होगा।
घटनाक्रम के बाद पनियरा बीडीओ कार्यालय में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। बीडीओ राहुल सागर ने बताया कि नोटिस में ध्वस्तीकरण का कोई उल्लेख नहीं है, लेकिन कार्रवाई रोकने के लिए अदालत में पैरवी की जा रही है।
गौरतलब है कि 7 नवम्बर को हुई कार्रवाई के दौरान बुलडोजर ब्लॉक परिसर में मौजूद भवनों पर चलना शुरू हो गया था, तभी मौके पर पहुंचे एसडीएम और अदालत अमीन के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कार्रवाई रोक दी गई थी। अब एक बार फिर उसी जमीन पर बुलडोजर की गर्जना सुनाई देने वाली है, जिससे पूरे क्षेत्र में सस्पेंस और सरगर्मी बढ़ गई है।


