गाजियाबाद: जिला कचहरी के नए भवन में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिली। 13 दिसंबर 2025 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला न्यायालय में एक अहम क्रियान्वयन बैठक आहूत की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता एडीजे प्रथम एन.सी. पाण्डेय और एडीजे/नोडल अधिकारी लोक अदालत गौरव शर्मा ने की।

उनके साथ सीजेएम प्रभारी नेहा भनोदिया और सचिव डीएलएसए कुमार मिताक्षर भी मौजूद रहे, जिससे बैठक का महत्व और भी बढ़ गया। बैठक का उद्देश्य था- अधिक से अधिक वादों का सौहार्दपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना।
एडीजे प्रथम एन.सी. पाण्डेय ने संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत जनता की सेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है, जहां मामलों का निस्तारण तेज, सरल और बिना किसी जटिलता के होता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अधिकतम मामलों को लोक अदालत के लिए तैयार करें, ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
नोडल अधिकारी गौरव शर्मा ने बैठक में जागरूकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ज्यादा भीड़भाड़ वाले स्थानों- जैसे सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर सूचना पट, बैनर और होर्डिंग्स लगाए जाएं। इससे जनता को लोक अदालत के लाभ और उसकी प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलेगी, और वे अधिक संख्या में आकर न्यायिक सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
बैठक में जीडीए, नगर निगम गाजियाबाद, सूचना विभाग, एलडीएम, जिला पूर्ति, स्वास्थ्य विभाग, बाट-माप, नगर पालिका मोदीनगर, एआरटीओ, बीएसएनएल और श्रम विभाग के अधिकारी व प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिन्होंने अपने-अपने स्तर से पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
राष्ट्रीय लोक अदालत केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां न्याय तेज, सुलभ और सहज रूप से मिलता है। आगामी लोक अदालत के सफल आयोजन और अधिकतम वाद निस्तारण की उम्मीदों के साथ बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई।


